सभा की सूचना पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। Write a short note on the notice of the House.

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सूचना का अर्थ एवं परिभाषा (Meaning and Definition of Notice)

किसी भी सभा को वैधानिक रूप से होने के लिए आवश्यक है कि जो व्यक्ति सभा में उपस्थित होने से सम्बन्धित है उन्हें सभा की तिथि, समय, स्थान व उस सभा में किये जाने वाले कार्यों के सम्बन्ध में जानकारी हो। जैसे जानकारी कराने के सम्बन्ध में जो सूचना सदस्यों को भेजी जाती है, उसे ही सभा की सूचना कहा जाता है।

एफ. पोर्टर तथा जे. विलयन के शब्दों में कम्पनी की सभा में उपस्थित होने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सभा की तिथि, समय, स्थान व सभा में विचारणीय बातों के बारे में भेजा गया संदेश सभा की सूचना के नाम से जाना जाता है।”

सूचना कौन भेजता है- सामान्यतः सभाओं का आयोजन संचालकों द्वारा किया जाता है। अतः सभा की सूचना संचालकों के अधिकारों के अधीन भेजी जाती है। यदि वार्षिक साधारण सभा के आयोजन में संचालकों द्वारा त्रुटि की जाती है तो केन्द्रीय सरकार कम्पनी सरकार को सभा बुलाने का आदेश दे सकती है या स्वयं सभा का आयोजन कर सकती है। यदि संचालकों द्वारा सदस्यों को माँग पत्र प्रस्तुत करने पर भी असामान्य साधारण सभा का आयोजन नहीं किया जाता तो माँग करने वाले सदस्य स्वयं उस सभा को बुला सकते हैं।

सूचना किनको भेजनी चाहिए- कम्पनी अधिनियम के अनुसार सभा की सूचना निम्नांकित व्यक्तियों को भेजी जानी चाहिए।

(i) कम्पनी के प्रत्येक सदस्य को (उन सदस्यों को छोड़कर जिन्होंने अपना पता न तो रजिस्टर्ड कराया है और न नोटिस भिजवाने के लिए कोई पता दिया है)

(ii) प्रत्येक ऐसे व्यक्ति को जो प्रतिनिधि की तरह मृत व्यक्ति के अंशों का अधिकारी हो (यदि मृत व्यक्ति स्वयं इस नोटिस को पाने का अधिकारी या) या दिवालिया होने की दशा में उसके निस्तारक को |

(iii) अंकेक्षक सभा का नोटसि पाने का अधिकारी होता है।

सभा की सूचना से सम्बन्धित नियमb(Rules Regarding the Notice of the Meeting)

(1) सूचना की अवधि कम्पनी की प्रत्येक सभा कम से कम 21 दिनों की स्पष्ट सूचना देकर बुलायी जा सकती है। ऐसी सूचना लिखित या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से निर्धारित की गयी रीति से दी जा सकती है। सभा की सूचना भेजने का दिन निर्धारित करने हेतु इन 21 दिनों में निम्न दिनों को जोड़ना चाहिए —

(i) एक दिन सभा की सूचना डाक में डालने का दिन।

(ii) दो दिन डाक से सूचना पहुँचने के दिन |

(iii) एक दिन सभा का दिन |

इस प्रकार स्पष्ट है कि सभा की सूचना कम से कम 25 दिन पूर्व भेजी जाती है तो पच्चीसवें दिन सभा की जा सकती है। इस सम्बन्ध में महत्वपूर्ण बात यह है कि सभा की सूचना सही समय पर भेजी जाये न कि सभा की सूचना की सही समय पर सुपुर्दगी हो। अतः सही समय पर भेजी गयी सूचना देरी से पहुँचती है तो भी सूचना की वैधता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

(2) सभा बुलाने का अधिकार-साधारणतः सभाओं का आयोजन संचालकों द्वारा किया जाता है। यदि संचालकों द्वारा सभा के आयोजन में त्रुटि की जाती है तो अंशधारियों को संचालकों की सभा बुलाने के लिए आग्रह करना चाहिए। यदि अंशधारियों की माँग के बावजूद भी संचालकों द्वारा सभा नहीं बुलायी जाती है तो अंशधारियों द्वारा माँग तिथि 45 दिन के बाद ऐसी सभा, माँग करने के तीन माह के अन्दर बुलायी जा सकती है। यदि संचालकों द्वारा वार्षिक साधारण सभा के आयोजन में त्रुटि की जाये तो केन्द्रीय सरकार स्वयं भी ऐसी सभा को आयोजित कर सकती है।

(3) सूचना देने की कार्यविधि-सभा आयोजित करने के लिए यह आवश्यक है कि सभा की सूचना व्यक्तियों को ठीक समय पर मिल जाये। सूचना देने के सम्बन्ध में निम्नलिखित प्रावधान है–

(i) सदस्यों को सूचना या तो व्यक्तिगत रूप से या डाक द्वारा रजिस्टर्ड पते पर भेजनी चाहिए।

(ii) यदि किसी सदस्य ने कम्पनी को पहले से यह सूचित कर दिया है कि उसको सूचना रजिस्टर्ड डाक द्वारा या सर्टीफिकेट ऑफ पोस्टिंग द्वारा भेजी जाय और इस सम्बन्ध में खर्चा भी जमा करा दिया हो तो निर्दिष्ट तरीके से सूचना देनी चाहिए। नोटिस डाक में डालने के 48 घण्टे बाद यह समझा जाता है कि नोटिस सदस्य के पास पहुँच गया है।

(iii) यदि संयुक्त अंशधारियों को नोटिस देना ही हो तो उस व्यक्ति को देना चाहिए जिसका नाम अंश रजिस्टर में पहले लिखा हो।

(iv) यदि सभा की सूचना समाचार पत्र में प्रकाशित करवाई जाती है तो यह सूचना उन सदस्यों के पास जिनके रजिस्टर्ड पते कम्पनी के पास नहीं है, उसी दिन प्राप्त हुई समझी जायेगी जिस दिन यह सूचना प्रकाशित हुई है।

(v) निर्धारित किये गये इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सूचना भेजना एम. सी. ए. ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सूचना भेजने के नियम निर्धारित कर दिये हैं। इन नियमों को MGT-18 में एम. सी. ए. की वेबसाइट पर देखा जा सकता है।

(4) सूचना की विषय सामग्री-सूचना में सभी प्रकार, समय, स्थान व तिथि का सही उल्लेख होना चाहिए साथ ही सभा में की जाने वाली कार्यवाही का ब्यौरा भी देना चाहिये। सभा में दो प्रकार के कार्य हो सकते हैं

(a) साधारण कार्यवाही साधारण कार्यवाही के अन्तर्गत अन्तिम लेखों, संचालकों व अंकेक्षकों की रिपोर्ट, लाभांश की घोषणा, संचालकों की नियुक्ति व अंकेक्षकों की नियुक्ति और उनके पारिश्रमिक के निर्धारण पर विचार किया जाता है।

(b) विशिष्ट कार्यवाही-यदि सभा में कार्य विशिष्ट कार्य करना है तो इसके लिये नोटिस में एक विस्तृत विवरण बत्थी कर देना चाहिए। यद्यपि संचालक मण्डल की सभा के लिए कार्यसूची सूचना के साथ भेजना आवश्यक नहीं है परन्तु साधारणतः कार्यसूची की सूचना के साथ ही प्रेषित कर दिया जाता है जिससे सदस्यों को कार्यवाही के विषय में सोचने का अवसर मिल सके।


Meaning and Definition of Notice

For any meeting to be held legally, it is necessary that the person who is related to being present in the meeting should know about the date, time, place of the meeting and the business to be done in that meeting. For example, the information which is sent to the members regarding the making of information is called the notice of the House.

F. Porter and J. In the words of the amalgamation, a message sent to every person attending the meeting of the company regarding the date, time, place and matters considered at the meeting is known as the notice of the meeting.”

Who sends the information- Generally the meetings are organized by the directors. Therefore, the notice of the meeting is sent under the authority of the directors. If there is an error by the directors in the conduct of the annual general meeting, the Central Government can order the company government to call the meeting or organize the meeting itself. If the unusual general meeting is not organized even after presenting the demand letter to the members by the directors, then the demanding members can call that meeting themselves.

To whom should the notice be sent – According to the Companies Act, the notice of the meeting should be sent to the following persons.

(i) to every member of the company (except those members who have neither registered their address nor given any address for sending notices)

(ii) to every person who as a representative is entitled to the shares of the deceased (if the deceased person himself is entitled to receive this notice) or, in the case of insolvency, to his liquidator.

(iii) The auditor is entitled to get the notice of the meeting.

Rules Regarding the Notice of the Meeting b(Rules Regarding the Notice of the Meeting)

(1) Period of notice Every meeting of the company may be called by giving a clear notice of not less than 21 days. Such information may be given in such manner as may be prescribed in writing or by electronic means. To determine the day of sending the notice of the meeting, the following days should be added to these 21 days –

(i) A day to post the notice of the meeting.

(ii) two days from the day of the arrival of the notice by post.

(iii) a day of the meeting.

It is thus clear that if the notice of the meeting is sent at least 25 days in advance, the meeting can be held on the twenty-fifth day. The important thing in this regard is that the notice of the meeting should be sent at the right time and not the delivery of the notice of the meeting at the right time. Therefore, even if the information sent at the right time reaches late, there is no effect on the validity of the information.

(2) Right to convene meetings – Generally the meetings are organized by the directors. If there is an error in the conduct of the meeting by the directors, then the shareholders should be urged to call the meeting of the directors. If the meeting is not called by the operators even after the demand of the shareholders, then after 45 days from the date of demand by the shareholders, such meeting can be called within three months of making the demand. If there is a mistake in the conduct of the annual general meeting by the directors, then the central government itself can organize such meeting.

(3) Procedure for giving notice – In order to hold a meeting, it is necessary that the notice of the meeting should be given to the persons at the right time. The following are the provisions regarding giving information-

(i) The information should be sent to the members either in person or by post at the registered address.

(ii) If a member has informed the company in advance that the notice may be sent to him by registered post or by certificate of posting and has also paid the cost in this behalf, the notice should be given in the manner specified. 48 hours after the notice is posted, it is deemed that the notice has reached the member.

(iii) If notice is to be given to the joint shareholders, it should be given to the person whose name appears first in the share register.

(iv) If the notice of the meeting is caused to be published in a newspaper, the notice shall be deemed to have been received from the members whose registered address is not with the company on the day on which this notice is published.

(v) sending the information through the prescribed electronic means. Rules have been laid down for sending information through electronic means. These rules have been incorporated in MGT-18 by M.C.A. can be viewed on its website.

(4) The subject matter of the notice – All types, time, place and date should be correctly mentioned in the notice as well as the details of the proceedings to be taken in the meeting should also be given. There can be two types of business in the assembly

(a) Ordinary proceedings Under ordinary proceedings, final accounts, reports of directors and auditors, declaration of dividend, appointment of directors and auditors and determination of their remuneration are considered.

(b) Specific business – If business is to be done in the House, then a detailed description should be put in the notice for this. Although it is not necessary to send the agenda to the meeting of the Board of Directors along with the notice, it is usually sent along with the notice of the agenda so that the members can get an opportunity to think about the proceedings.

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