मरुस्थलीय पारिस्थितिक तन्त्र पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। Write a short note on desert ecosystem.

0
46
इसके अन्तर्गत मरुस्थल में आने वाले उत्पादकों (producers), उपभोक्ताओं (consumers), • एवं अपघटनकर्ताओं (decomposers) का आपसी सम्बन्ध देखते हैं, जो निम्नानुसार हैं

इसमें मरुस्थल में आने वाली झाड़ियाँ, घासें, पौधे, केक्टम इत्यादि पौधे आते हैं जो सूर्य प्रकाश में अपना भोजन बनाने की क्षमता रखते हैं।

उपभोक्ता (Consumers) इसमें वे जीव-जन्तु आते हैं जो मरुस्थली वातावरण को सहन करने की क्षमता रखते हैं; जैसे-मरुस्थल में पाये जाने वाले सरीसृप (reptiles), कीड़े, पक्षी, कृदन्त एवं ऊँट ।

अपघटनकर्ता (Decomposers ) इसमें कवक (fungi) सूक्ष्मजीवी आते हैं जिसमें तापक्रम सहन करने की क्षमता है। मरुस्थल में रहने वाले उत्पादकों एवं उपभोक्ताओं की मृत्यु होने पर उनके शरीर को अपघटित करके उनके तत्व जमीन व वातावरण में ले आते हैं।


Under this, there is a mutual relationship between producers, consumers, and decomposers coming to the desert, which are as follows.

In this, there are shrubs, grasses, plants, cactum, etc., which come in the desert, which have the ability to make their own food in sunlight.

Consumers include those animals which have the ability to tolerate the desert environment; For example, reptiles found in the desert, insects, birds, rodents and camels.

Decomposers include fungi microorganisms that have the ability to tolerate temperature. On the death of producers and consumers living in the desert, their bodies are decomposed and their elements are brought to the ground and environment.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here