कार्यवाहक संख्या या गणपूर्ति पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

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सभा की कार्यवाहक संख्या या गणपूर्ति (Quorum of the Meeting)

कार्यवाहक संख्या या गणपूर्ति से आशय सभा के सदस्यों की उस ब्यूनतम संख्या से है जो किसी सभा के वैधानिक रूप से संचालन के लिए उपस्थित होनी आवश्यक होती है।

यदि यह न्यूनतम सदस्य संख्या के समय उपस्थित नहीं होती है तो सभा की कार्यवाही आरम्भ नहीं की जा सकती है।

यदि इस न्यूनतम संख्या की उपस्थिति के बिना सभा का संचालन कर लिया गता है तो वह सभा अनियमित मानी जाती है तथा उसकी कार्यवाही अवैधानिक हो जाती है।

के. के. गुप्ता (K. K Gupta) के अनुसार, “कार्यवाहक संख्या का आशय सदस्यों की उस निश्चित संख्या से है जिसका कि सभा को वैधानिक बनाने हेतु सभा में उपस्थित होना परमावश्यक है।”

इस प्रकार स्पष्ट है एक कम्पनी में सभा की कार्यवाही तब तक नहीं हो सकती, जब तक कि | उसमें गणपूर्ति के लिए आवश्यक सदस्य उपस्थित न हो। कम्पनी की साधारण सभा में यदि निश्चित समय के आधे घण्टे के अन्दर गणपूर्ति पूरी नहीं होती है तो यह सभा अगले सप्ताह उसी दिन, उसी समय एवं उसी स्थान पर होगी या जैसा कि संचालक मण्डल निर्णय लें। यदि इस अगली सभा में भी आधे घण्टे में गणपूर्ति पूरी नहीं होती है तो इस सभा में जो भी सदस्य उपस्थित होंगे उन्हीं को गणपूर्ति मान लिया जायेगा और उन्हीं के द्वारा सभा की कार्यवाही संचालित होगी।

कार्यवाहक संख्या सम्बन्धी प्रावधान (Provision Regarding Quorum)

कम्पनी के सदस्यों की सभा में कार्यवाहक संख्या या गणपूर्ति के सम्बन्ध में प्रमुख प्रावधान निम्न हैं–

1. कार्यवाहक संख्या या गणपूर्ति होना अनिवार्य-किसी भी सभा की वैधता के लिए गणपूर्ति होना आवश्यक है। गणपूर्ति या कार्यवाहक संख्या में सदस्यों के उपस्थित न होने पर सभा संचालित नहीं की जा सकती है।

2. कार्यवाहक संख्या का निर्धारण-गणपूर्ति संख्या कम्पनी के अन्तनियमों द्वारा निर्धारित की जा सकती है किन्तु यह संख्या अधिनियम में निर्धारित संख्या से कम नहीं हो सकती। अधिनियम के अनुसार गणपूर्ति के लिए निम्न संख्या निर्धारित की गयी है–

(a) किसी सार्वजनिक कम्पनी की दशा में–

(i) 5 सदस्य व्यक्तिगत रूप से उपस्थित यदि सभा की विधि सदस्यों की संख्या 1.000 से अधिक नहीं है।

(ii) 16 सदस्य व्यक्तिगत रूप से उपस्थित यदि सदस्यों की संख्या 1,000 से अधिक 5,000 तक है।

(iii) 30 सदस्य व्यक्तिगत रूप से उपस्थित यदि सदस्यों की संख्य 5,000 से अधिक है।

(b) निजी कम्पनी की दशा में सभा की गणपूर्ति तब पूरी मानी जायेगी जब कम से कम 2 सदस्य व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होंगे।

3. कार्यवाहक संख्या की गणना गणपूर्ति संख्या की गणना करने के लिए केवल कम्पनी के सदस्यों को ही गिना जाता है। प्रतिपुरुषों को गणपूर्ति संख्या की गणना में शामिल नहीं किया जाता है किन्तु निम्नलिखित को भी गणपूर्ति संख्या की गणना में शामिल किया जाता है

(i) यदि किसी कम्पनी की कोई अन्य कम्पनी ही सदस्य हो तो उस कम्पनी का प्रतिनिधि

(ii) यदि किसी कम्पनी में राष्ट्रपति या राज्यपाल सदस्य है तो उनका प्रतिनिधि।

(iii) यदि कम्पनी की सभा में पूर्वाधिकार अंशधारियों के हितों को प्रभावित करने वाले प्रस्ताव को पारित किया जा रहा हो तो उन अंशधारियों की संख्य को।

परन्तु यह ध्यान रहे कि संयुक्त अंशधारियों की दशा में, गणपूर्ति की संख्या की गणना करते समय उनमें से केवल एक अंशधारी को ही गिना जायेगा।

4. गणपूर्ति के सम्बन्ध में मान्यता कम्पनी की सभाओं के सम्बन्ध में यह एक सामान्य मान्यता है कि जब तक सदस्यों की गणना नहीं की जायेगी तब तक यही माना जायेगा कि सभा में गणपूर्ति थी।

5. एक व्यक्ति से गणपूर्ति- सामान्यतः कार्यवाहक संख्या की उपस्थिति के बिना सभा अनियमित एवं अवैधानिक मानी जाती है किन्तु कुछ अपवादजनक परिस्थितियों में गणपूर्ति न होने यहाँ तक कि एक सदस्य के उपस्थित होने पर भी वैध सभा हो सकती है। ये परिस्थितियाँ निम्न हैं–

(i) यदि किसी सदस्य के आवेदन पर केन्द्रीय सरकार कम्पनी की वार्षिक साधारण सभा बुलाती है या बुलाने के लिए कम्पनी को आदेश देती है तो केन्द्रीय सरकार यह निर्देश दे सकती है कि इस प्रकार की सभा एक व्यक्तिकी उपस्थिति में भी की जा सकती।

(ii) यदि कम्पनी को सभा बुलाने के लिए न्यायालय आदेश देती है तो वह इस आदेश में यह निर्देश दे सकता है कि सभा में एक व्यक्तिकी उपस्थिति में भी सभा का गठन हो जायेगा तथा इसके द्वारा लिये गये निर्णय नियमित सभा की तरह कम्पनी तथा अन्य सम्बन्धित व्यक्तियों के लिए मान्य होंगे।

(iii) कभी-कभी ऐसा हो सकता है कि कम्पनी की विभिन्न प्रकार की अंश पूँजी में से किसी एक वर्ग के समस्त अंश किसी एक ही व्यक्तिके पास हों। ऐसी स्थिति में उस एक व्यक्तिकी उपस्थिति से भी सभा का गठन हो जायेगा। ऐसा ऋणपत्रचारियों के सम्बन्ध में भी हो सकता है। एक व्यक्तिही कम्पनी द्वारा निर्गमित समस्त ऋणपत्रों को खरीद सकता है। ऐसा होने पर वह अकेला व्यक्ति ही ऋणपत्रधारियों की सभा का गठन कर सकता है।

6. गणपूर्ति के अभाव में सभा का स्थगन-यदि सभा प्रारम्भ होने के निर्धारित समय से आधे घण्टे के भीतर गणपूर्ति के लिए आवश्यक संख्या में सदस्य उपस्थित नहीं होते हैं तो सभा अगले सप्ताह, उसी दिन, उसी समय तथा स्थान के लिए स्थगित हो जाती है, किन्तु यदि कोई सभा सदस्यो की माँग पर बुलाई गई है तो गणपूर्ति न होने पर सभा समाप्त हुई मानी जाती है।

7. स्वमित सभा का आयोजन-जब स्थगित सभा आयोजित की जाती है और उस सभा में भी समय के आधे घण्टे के भीतर कार्यवाहक संख्या उपस्थित नहीं होती है तो जितने सदस्य उपस्थित होते है उस सभा के लिए उन सदस्यों की संख्या को ही कार्यवाहक संख्या मान ली जाती है।

8. गणपूर्ति की उपस्थिति का समय-गणपूर्ति के लिए सदस्यों की न्यूनतम संख्या कब उपस्थित रहनी आवश्यक है, यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। अधिनियम में इस सम्बन्ध में कुछ भी नहीं कहा गया है किन्तु सारणी ‘एफ’ के नियम 44 के अनुसार सभा की कार्यवाही प्रारम्भ होते समय  गणपूर्ति होनी चाहिए। मान्य परम्पराओं एवं विधि विशेषज्ञों की राय में सभा के दौरान तथा मतदान के समय कम्पनी की सभा में गणपूर्ति हो, यह आवश्यक नहीं है। इसके अतिरिक्त, जब तक सदस्यों की संख्या की गणना नहीं की जायेगी तब तक यह माना जायेगा कि गणपूर्ति थी।

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