परिवर्तन के प्रतिरोध का क्या आशय है ? लोग परिवर्तन का प्रतिरोध क्यों करते हैं? परिवर्तन के प्रतिरोध को कम कैसे किया जा सकता है ? What is meant by resistance to change? Why do people resist change? How can the resistance to change be reduced?

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परिवर्तन का विरोध या प्रतिरोध का अर्थ (Meaning of Resistance to Change)

परिवर्तन से प्रभावित लोगों की प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं को ही प्रतिरोध कहा जाता है। यद्यपि परिवर्तन प्रतिस्पर्धात्मक शक्ति को बनाये रखने के लिए, सफल क्रियाकलापों के लिए और निरन्तरता कायम रखने के लिए अपरिहार्य होता है फिर भी व्यक्तियों द्वारा इसका प्रतिरोध किया जाता है। परिवर्तन चाहे वास्तविक हो या काल्पनिक, अच्छा हो या खराब, उससे प्रभावित होने वाले परिवर्तन के प्रभावों से अपने आपको असुरक्षित अनुभव करते हैं।

प्रतिरोध परिवर्तन का स्वाभाविक परिणाम है। अतः प्रबन्धकों को इसके लिए विशेष चिन्तित नही होना चाहिए। प्रतिरोध सभी प्रकार के परिवर्तनों का किया जाता है, भले ही प्रभावित व्यक्तियों को उससे लाभ हो या हानि प्रतिरोध, कर्मचारियों के अलावा ग्राहकों, पूर्तिकर्त्ताओं, प्रबन्धकों, सरकार अथवा जनसाधारण की ओर से भी हो सकता है। अतः यह नितान्त आवश्यक है कि प्रतिरोध का अध्ययन करते समय इन सभी वर्गों के व्यक्तियों की प्रतिक्रियाओं को ध्यान में रखा जाये।

प्रतिरोध के कारण (Causes of Resistance)

परिवर्तन के विरोध से सम्बन्धित कारण निम्नलिखित है–

(1) अज्ञानता परिवर्तन का विरोध इसलिए भी किया जाता है, सम्भव है कि कर्मचारीगण परिवर्तन से होने वाले परिणामों के प्रति अनभिज्ञ हॉ और इस नासमझी के कारण विरोध कर रहे हो।

(2) कार्यभार में वृद्धि-जब परिवर्तन के परिणामस्वरूप कर्मचारियों के कार्य में अधिक वृद्धि होने की सम्भावना हो तो इस कारण भी कर्मचारियों द्वारा परिवर्तन का विरोध किया जाता है।

(3) पुनर्समायोजन की कठिनाई-परिवर्तन का प्रतिरोध करने का मूल कारण यह है कि इससे यथास्थिति और वातावरण का वर्तमान सन्तुलन बिगड़ जाता है। इस असन्तुलन को ठीक करने के लिए कर्मचारियों को पुनः समायोजन करना पड़ता है। इस प्रकार का पुनः समायोजन कर्मचारियों के लिए हमेशा अनुकूल, रुचिकर तथा सरल नहीं होता है। यदि परिवर्तन उसके पद या स्थिति में कमी ला देता है तो उसके प्रति कर्मचारी की प्रतिक्रिया गम्भीर होगी और समायोजन का कार्य कष्टप्रद व विलम्बपूर्ण होगा। इस प्रकार समायोजन की गति कर्मचारी के लिए परिवर्तन का महत्व, अर्थ तथा उसके प्रति अभिशक्ति पर निर्भर करती है। कर्मचारी के मन में आशंका, भय व चेतावनी प्रत्येक परिवर्तन द्वारा पैदा हो सकती है। यही नहीं प्रत्येक परिवर्तन से उसे अपनी कार्य-आदत को बदलना पड़ता है जिससे कार्य वातावरण भी बदल जाता है। इस सम्पूर्ण प्रक्रिया में उसे अनेक कठिनाइयाँ उठानी पड़ती है।

(4) आवश्यकता की सन्तुष्टि में गतिरोध-कर्मचारियों द्वारा प्रतिरोध का यह भी कारण है कि परिवर्तन का प्रभाव उनकी आवश्यकताओं की सन्तुष्टि पर पड़ता है। परिवर्तन से पूर्व कर्मचारी एक विशेष वातावरण व रहन-सहन के स्तर का अभ्यस्त हो जाता है और उस स्तर से नीचे उतरने पर अत्यन्त दुःखी हो जाता है। यदि परिवर्तन द्वारा कर्मचारियों की आय में कमी की जाती है तो उसकी आवश्यकताओं की सहज सन्तुष्टि में गतिरोध पैदा हो सकता है इसलिए कर्मचारीगण परिवर्तन का प्रतिरोध करते हैं।

(5) नौकरी की असुरक्षा–यदि परिवर्तन इस प्रकृति का है कि उससे कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा प्रभावित होती है तो कर्मचारीगण उसका प्रतिरोध करते हैं। आधुनिकतम स्वचालित यन्त्रों का प्रयोग इसी प्रकार का परिवर्तन लाता है जिसके कारण कर्मचारियों की छँटनी होने लगती है और इसलिए इसका प्रतिरोध किया जाता है।

(6) लाभ की वृद्धि में हिस्सा न मिलना-कर्मचारियों की यह धारणा हो सकती है कि प्रस्तावित परिवर्तन से उन्हें अथवा समाज को कुछ भी लाभ न होगा, लाभान्वित होगी केवल संस्था व उसके मालिक। अतः ऐसी परिस्थिति में भी कर्मचारियों द्वारा परिवर्तन का विरोध किया जाता है।

प्रतिरोध-विरोध को कम करने के उपाय (Measures to Reduce Resistance-Opposition to Change)

प्रतिरोध-विरोध को कम करने के प्रमुख उपाय निम्नलिखित है–

(1) संस्था में जो भी परिवर्तन किये जायें, उसकी विस्तृत जानकारी समस्त प्रभावित व्यक्तियों एवं समूहों को प्रबन्ध द्वारा स्वयं प्रदान की जाये।

(2) परिवर्तन की योजना के सम्बन्ध में पहले से ही समस्त सम्बन्धित व्यक्तियों से विचार-विमर्श करके उनकी सहमति प्राप्त कर लेनी चाहिए। को इस बात का

(3) कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा की गारण्टी देनी चाहिए, अर्थात् कर्मचारियों आश्वासन दिया जाना चाहिए कि परिवर्तन के फलस्वरूप उन पर किसी प्रकार का आने दिया जायेगा।

(4) परिवर्तन को लागू करने के लिए एक सम्पूर्ण योजना तैयार कर लेनी चाहिए और इस योजना को एक साथ लागू करने के बजाय अनेक चरणों में लागू किया जाना चाहिए।

(5) कर्मचारियों में परिवर्तन के प्रति विश्वास, सहयोग एवं सहानुभूति की भावना जाग्रत करनी चाहिए।

(6) परिवर्तन के अनुरूप सभी कर्मचारियों को समायोजित करने के लिए यह आवश्यक है कि अतिरिक्त ज्ञान, कौशल एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाये।

(7) कर्मचारियों को यह विश्वास दिलाया जाये कि परिवर्तन के फलस्वरूप उनकी आय में भी वृद्धि होगी।

(8) परिवर्तन के प्रति विरोध को कम करने के लिए यह भी आवश्यक है कि कर्मचारियों को यह विश्वास दिलाया जाय कि परिवर्तन के फलस्वरूप उनकी कार्यप्रणाली सुविधाजनक हो जायेगी और वे पहले की तुलना में अधिक कार्य कर सकेंगे।


Meaning of Resistance to Change

The adverse reactions of the people affected by the change are called resistance. Although change is essential for maintaining competitive power, for successful activities and for maintaining continuity, it is resisted by individuals. Change whether real or imaginary, good or bad, feel vulnerable to the effects of the change that is impacted by it.

Resistance is the natural result of change. Therefore, the managers should not be worried about this. Resistance to all kinds of changes, whether the affected persons benefit or harm, can be from employees as well as customers, suppliers, managers, government or the general public. Therefore, it is absolutely necessary that while studying resistance, the reactions of all these classes of people should be kept in mind.

Causes of Resistance

The reasons related to the opposition to change are as follows-

(1) Ignorance Change is also opposed because it is possible that the employees are unaware of the consequences of change and are protesting because of this ignorance.

(2) Increase in workload – When there is a possibility of increase in the workload of the employees as a result of the change, then due to this also the change is opposed by the employees.

(3) Difficulty of re-adjustment – ​​The basic reason for resisting change is that it disturbs the current balance of status quo and environment. To correct this imbalance, the employees have to make re-adjustments. This type of readjustment is not always friendly, interesting and easy for the employees. If the change brings about a reduction in his position or position, the employee’s reaction to it will be severe and the adjustment work will be painful and delayed. Thus the speed of adjustment depends upon the importance, meaning and power of change for the employee. Every change can create apprehension, fear and warning in the mind of the employee. Not only this, with every change, he has to change his work-habit, due to which the work environment also changes. He has to face many difficulties in this whole process.

(4) Stagnation in the satisfaction of needs – The reason for the resistance by the employees is that the effect of change falls on the satisfaction of their needs. Before the change, the employee gets used to a particular environment and standard of living and becomes very sad when he falls below that level. If there is a reduction in the income of the employees by the change, then there may be a deadlock in the natural satisfaction of his needs, so the employees resist the change.

(5) Job insecurity – If the change is of such a nature that it affects the job security of the employees, then the employees resist it. The use of the latest automatic machines brings such a change, due to which layoff of employees starts and hence it is resisted.

(6) Not getting a share in the growth of profit – Employees may have the impression that the proposed change will not benefit them or the society, only the organization and its owners will benefit. Therefore, even in such a situation, the change is opposed by the employees.

Measures to Reduce Resistance-Opposition to Change

Following are the main measures to reduce the resistance-

(1) Whatever changes are made in the organization, the detailed information should be provided to all the affected persons and groups by the management itself.

(2) In relation to the plan of change, after consultation with all the concerned persons, their consent should be obtained. to that

(3) The employees should be given a guarantee of financial security, that is, the employees should be assured that as a result of the change, they will be allowed to come upon them.

(4) A complete plan should be prepared to implement the change and this plan should be implemented in several phases instead of implementing it all at once.

(5) A sense of trust, cooperation and sympathy should be inculcated in the employees towards the change.

(6) In order to accommodate all the employees according to the change, it is necessary that arrangements for additional knowledge, skills and training should be made.

(7) Employees should be assured that their income will also increase as a result of the change.

(8) In order to reduce the resistance to change, it is also necessary that the employees should be assured that their work will become convenient as a result of change and they will be able to do more work than before.

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