बजटरी नियन्त्रण से क्या आशय है ? बजटरी नियन्त्रण के लाभों का विवेचन कीजिए। What is meant by budgetary control? Discuss the advantages of budgetary control.

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बजटरी नियन्त्रण का अर्थ एवं परिभाषा (Meaning and Definition of Budgetary Control)

बजटरी नियन्त्रण का अर्थ व्यावसायिक प्रगति की योजनाओं को बजटों के रूप में निर्धारित करने और उसके विकास को इन बजटीय लक्ष्यों के अनुसार संचालित व नियन्त्रित करने से है। दूसरे शब्दों में, बजटरी नियन्त्रण, बजट अनुमानों तथा वास्तविक परिणामों में तुलना करने की क्रिया को कहते हैं।

जार्ज आर. टैरी के अनुसार, “बजटरी नियन्त्रण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा वास्तविक क्रियाओं का पता लगाया जाता है और फिर बजट अनुमानों से उसकी तुलना की जाती है, ताकि उपलब्धियों की पुष्टि की जा सके या बजट अनुमानों में समायोजन करके या अन्तरों के कारणों का सुधार करके, अन्तरों को दूर किया जा सके।”

जे. बैटी (J. Batty) के अनुसार, “बजटरी नियन्त्रण एक ऐसी पद्धति है जो बजटों को वस्तुओं

या सेवाओं के उत्पादन और विक्रय के सभी पहलुओं के नियोजन तथा नियन्त्रण के साधन के रूप में प्रयोग करती है।”

बजटरी नियन्त्रण के लाभ (Advantages of Budgetary Control)

बजटरी नियन्त्रण के लाभों या महत्व को निम्न प्रकार स्पष्ट किया जा सकता है–

(1) नियोजन में सुधार (Improvement of Planning)- बजटरी नियन्त्रण एवं नियोजन पनिष्ठ रूप से सम्बन्धित हैं, क्योंकि नियोजन में बजटरी नियन्त्रण निम्न प्रकार सहायक है

(i) पूर्वानुमान को प्रोत्साहन-बजटरी नियन्त्रण के अन्तर्गत भविष्य के बजट बनाये जाते हैं जिसके लिए पूर्वानुमान की आवश्यकता होती है। यह पूर्वानुमान जितना सही होगा उपक्रम को उतनी ही अधिक सफलता मिलेगी। अतः इस पद्धति द्वारा सही पूर्वानुमान लगाने की प्रकृति को प्रोत्साहन मिलता है जो कि सफल नियोजन के लिए आधार प्रस्तुत करता है।

(ii) साधनों का सदुपयोगबजट विधि के प्रयोग से संस्था के आर्थिक साधनों का अधिक अच्छा उपयोग होता है। सामग्री, श्रम व अन्य कार्यों में अपव्यय की सम्भावनाएँ कम हो जाती है। इस प्रकार उत्पादित लागत में कमी आती है। कार्यों के लक्ष्य एवं व्यक्तियों के उत्तरदायित्व निश्चित हो जाने से प्रत्येक व्यक्ति सीमित साधनों से अधिकतम प्रतिफल प्राप्त करने का प्रयत्न करता है।

(iii) योजना में निश्चितता को प्रोत्साहन देना-बजट नियन्त्रण के कार्यों के लिए इतना कहना ही पर्याप्त नहीं होगा कि वर्ष के अन्त में व्ययों में कमी होनी चाहिए तथा उत्पादन में वृद्धि होनी चाहिए. अपितु बजट नियन्त्रण के अन्तर्गत सभी बातें आँकड़ों के रूप में प्रस्तुत की जाती है, जिससे नियोजन में निष्क्रियता आती है।

(iv) व्यापार चक्रों से बचाव-मजदूरी नियन्त्रण के द्वारा भविष्य में होने वाले उतार-चढ़ावों के कुप्रभावों से बचने के लिए वर्तमान में ही व्यवस्था की जाती है जिससे व्यापारिक क्रियाओं में स्थायित्व उत्पन्न होता है।

(2) समन्वय में सहयोग (Aid in Co-ordination) बजटरी नियन्त्रण में विभिन्न उत्तरदायित्व केन्द्रों का निर्धारण करके इस बात की जाँच की जाती है कि वास्तविक निष्पादन एवं पूर्व निर्धारित प्रमापों में कहाँ-कहाँ अन्तर हैं, वे अन्तर किन कारणों से उत्पन्न हुए हैं तथा उनके लिए कौन-कौन से अधिकारी एवं कर्मचारी उत्तरदायी है। उसके बाद उसके कारणों का पता लगाकर सुधारात्मक कार्यवाही करके इसके अन्तर को समाप्त कर दिया जाता है। बजटरी नियन्त्रण निम्न प्रकार से नियन्त्रण में उपयोगी रहता है —

(i) पूँजीगत व्ययों पर नियन्त्रण-पूँजीगत बजट द्वारा संस्था के पूँजीगत व्ययों पर नियन्त्रण स्थापित किया जा सकता है तथा पूँजी के उपलब्ध साधनों का श्रेष्ठ प्रयोग किया जा सकता है।

(ii) उत्पादन लागत पर नियन्त्रण बजट द्वारा विभिन्न बजट केन्द्रों का बजट निर्धारित करके उत्पादन लागत पर नियन्त्रण स्थापित किया जा सकता है।

(iii) तरलता पर नियन्त्रण-रोकड़ बजट तैयार करके संस्था की तरलता की स्थिति को आवश्यकता के अनुसार नियन्त्रित किया जा सकता है।


Meaning and Definition of Budgetary Control

Budgetary control means to determine the plans of business progress in the form of budgets and its development is operated and controlled according to these budgetary goals. In other words, budgetary control is the process of comparing budget estimates and actual results.

George R. According to Terry, “Budgetary control is a process by which actual actions are ascertained and then compared with the budget estimates, in order to confirm the achievements or to correct the reasons for the discrepancies by adjusting the budget estimates”. By doing so, the differences can be bridged.”

J. According to J. Batty, “Budgetary control is a method of controlling budgets by

or as a means of planning and controlling all aspects of the production and sale of services.”

Advantages of Budgetary Control

The advantages or importance of budgetary control can be explained as follows-

(1) Improvement of Planning – Budgetary control and planning are closely related, because budgetary control is helpful in planning as follows

(i) Incentive to forecast – Under budgetary control, future budgets are made for which forecast is required. The more accurate this forecast is, the more success the enterprise will get. Therefore, this method encourages the nature of accurate forecasting, which provides the basis for successful planning.

(ii) Utilization of resources By the use of budget method, the economic resources of the organization are better utilized. The possibilities of wastage in material, labor and other works are reduced. Thus the cost of production is reduced. Every person tries to get maximum return from limited resources by getting the goals of the tasks and the responsibilities of the individuals fixed.

(iii) Promoting certainty in planning – It will not be enough to say that for the works of budget control, there should be a reduction in expenditure and increase in production at the end of the year. Rather, under budget control, everything is presented in the form of data, which leads to inaction in planning.

(iv) Avoidance of business cycles- Through wage control, arrangements are made in the present to avoid the ill effects of future fluctuations, which creates stability in business activities.

(2) Aid in Co-ordination: In budgetary control, it is examined by determining the various responsibility centers, where there are differences between the actual performance and the predetermined parameters, due to which those differences have arisen. and which officers and employees are responsible for them. After that, after finding out its reasons, its difference is eliminated by taking corrective action. Budgetary control is useful in controlling in the following ways:

(i) Control on Capital Expenditure – Control over the capital expenditure of the organization can be established through capital budget and the available resources of capital can be used best.

(ii) Control on the cost of production By budgeting the budget of various budget centers, control over the cost of production can be established.

(iii) Control on Liquidity – By preparing cash budget, the liquidity position of the organization can be controlled as per the requirement.

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