शैली किसे कहते हैं ? शैली की विशेषता बताते हुए उन पर प्रकाश डालिए। What is style? Explaining the characteristics of style, throw light on them.

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उत्तर-शैली शैली मनुष्य की पहचान कही गई है। वह अपने भावों अथवा विचारों को दूसरों तक संप्रेषित करने के लिए भाषा में अनेक प्रयोग करता है। उसकी यह इच्छा रहती है कि अपनी बात स्पष्ट एवं प्रभावी ढंग से दूसरों तक पहुँचा सके। मनुष्य द्वारा भाषा प्रयोग में उसकी यही इच्छा कार्य करती है। भाषा के ये विविध प्रयोग परिस्थितियों और विषय-वस्तु पर निर्भर करते हैं।

शैली के सभी गुणों को समन्वित करने के उपरान्त शैली के निम्नलिखित गुण माने जा सकते हैं

(1) सरलता-शैली विचारों की अभिव्यक्ति का एक ढंग है, उस रूप में लेखक को ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जिनसे अर्थबोध सरलतापूर्वक हो सके। सरलता शैली का आवश्यक गुण है। पाठक के सामने

(2) स्वच्छता-लेखक अपने भाव-विचार और अनुभूतियों की गुत्थियों को खोलकर रखता है। इन भाव-विचार और अनुभूतियों के प्रकाशन में स्वच्छता महत्वपूर्ण है।

(3) स्पष्टता-जब तक शैली में स्पष्टता के गुण का अभाव रहेगा, लेखक अपने भाव और विचारों को पाठक के हृदय में नहीं उतार पायेगा। विचारों की स्पष्टता पाठक और श्रोता दोनों को तन्मय बनाती है। उन्हें ऐसा प्रतीत होता है कि ये विचार उनके स्वयं के हैं।

(4) प्रभावोत्पादकता लेखक की शैली में जब तक प्रभावोत्पादकता का अभाव होता है, तब तक उसके अन्य गुण, जैसे-सरलता, स्वच्छता और स्पष्टता उसकी रचना को प्रभावमय नहीं बना सकते। प्रभावोत्पादकता के इस गुण के अभाव में उसकी शैली प्रभाव शून्य ही मानी जायेगी।

(5) शिष्टता-लेखक की शैली में शिष्टता और सुरुचिमयता का गुण आवश्यक है। शैली में शिष्टता का अभाव पाठक के मन को विचलित कर देता है तथा लेखक के साथ पाठक की सहानुभूति उत्पन्न नहीं होती। सौन्दर्य की उपासना ही इस गुण का आधार है।

(6) ओजस्विता-ओजस्विता शैली का प्राण तत्व है। जिस प्रकार अग्नि अपनी दहन शक्ति का परित्याग कर शून्य और निष्प्राण हो जाती है, उसी प्रकार शैली भी ओज के अभाव में निर्जीव और प्रभाव शून्य हो जाती है।

(7) सजीवता-लेखक के भाव और विचार इसी गुण के द्वारा मूर्तिमान होकर पाठ के अन्तरमन में सजीव चित्र उपस्थित कर देते हैं।

(8) प्रौढ़ता-प्रौदता भी शैली का आवश्यक गुण है। इससे रचना की रचना में गम्भीरता आती है।

(9) लय-इस गुण से शैली में रमणीयता आती है। ध्वनि-लय और ताल-लय के रूप में इसके दो भेद किये जाते हैं। शैली में मधुर ध्वनियों की योजना से लय का जन्म होता है, जबकि ताल-लय गीतात्मक स्वरों का संचार है। इस प्रकार स्पष्ट है कि लय भी शैली का आवश्यक गुण है।


Answer – Style style is said to be the identity of man. He makes many uses in language to communicate his feelings or thoughts to others. He has a desire to convey his point clearly and effectively to others. This same desire works in the use of language by man. These various uses of language depend on the circumstances and the subject matter.

After integrating all the qualities of style, the following qualities of style can be considered

(1) Simplicity – style is a way of expression of ideas, in that form the author should use such words which can make the meaning easily. Simplicity is an essential quality of style. in front of the reader

(2) Cleanliness – The writer keeps the secrets of his feelings, thoughts and feelings open. Cleanliness is important in the publication of these feelings, thoughts and feelings.

(3) Clarity – As long as the style lacks the quality of clarity, the writer will not be able to bring his feelings and thoughts into the heart of the reader. Clarity of thoughts enthralls both the reader and the listener. It seems to them that these thoughts are their own.

(4) Effectiveness As long as the author’s style lacks effectiveness, his other qualities, such as simplicity, cleanliness and clarity, cannot make his composition effective. In the absence of this quality of efficacy, his style effect will be considered as zero.

(5) Elegance – The quality of elegance and elegance is essential in the style of the writer. Lack of elegance in style disturbs the mind of the reader and the reader’s sympathy with the author does not arise. The worship of beauty is the basis of this quality.

(6) Ojasvita – Ojasvita is the vital element of style. Just as fire renounces its burning power and becomes void and lifeless, similarly style also becomes lifeless and void of effect in the absence of energy.

(7) Vitality – The feelings and thoughts of the author, being embodied by this quality, present a living picture in the heart of the text.

(8) Maturity – maturity is also an essential quality of style. This adds seriousness to the composition.

(9) Rhythm – This quality brings elegance to style. Its two distinctions are made in the form of sound-rhythm and tala-tala. Rhythm is derived from the scheme of melodic sounds in style, whereas tala-tala is the communication of lyrical notes. Thus it is clear that rhythm is also an essential quality of style.

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