संगठन सरचना किसे कहते है ? संगठन संरचना को निर्धारित करने वाले घटकों का वर्णन कीजिए। What is the organization structure? Describe the factors that determine the organizational structure.

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संगठन संरचना का अर्थ एवं परिभाषा (Meaning and Definition of Organisation Structure)

संगठन संरचना व्यवसाय में संगठन के प्रारूप का उल्लेख करती है कि संगठन का ढाँचा किस प्रकार सुनिश्चित किया गया है। संगठन संरचना के निर्धारण से प्रबन्ध को कार्य आवण्टन में सरलता रहती है तथा इसमें सम्बन्धित कार्यों का स्पष्ट उल्लेख रहता है जिससे उपक्रम की कमियों का ज्ञान तुरन्त हो जाता है। दूसरे शब्दों में, किसी उपक्रम की सम्पूर्ण संगठनात्मक व्यवस्था व कार्यरत कर्मचारियों के सम्बन्धों को प्रदर्शित करने वाला ढाँचा ही ‘संगठन संरचना’ कहलाता है।

अल्बर्ट हेनरी एच. (Albert Henry H.) के अनुसार, “संगठन संरचना वह ढाँचा है जिसमें प्रबन्धीय और परिचालनात्मक कार्य निष्पादित किये जाते हैं।

” विक्सबर्ग (Wickesberg) के अनुसार, “संगठन संरचना से आशय व्यक्तियों तथा समूहों के मध्य विद्यमान सम्बन्धों को बिठाना है।”

फ्रेड लुयान्स (Fred Luthans) के अनुसार, “संगठन संरचना से आशय संस्थात्मक व्यवहार के लिए बनाये गये ढाँचे से है।

” हर्ले (Herley) के अनुसार, “संगठन संरचना एक फर्म की विभिन्न स्थितियों को पारित व्यक्तियों के बीच सम्बन्धों का ढाँचा है।”

संगठन संरचना के निर्धारक घटक या तत्व  (Factors Determining the Organisation Structure)

संगठन संरचना को प्रभावित करने वाले प्रमुख घटक या तत्व निम्नलिखित हैं

(1) संगठन के उद्देश्य संस्था के उद्देश्य, संगठन संरचना का आधारभूत निर्धारक घटक है। संगठन का निर्माण करते समय संस्था के उद्देश्यों को ध्यान में रखना चाहिए क्योंकि संगठन स्वयं में उद्देश्यों को प्राप्त करने का एक साधन है।

(2) संगठन का आकार-संरचना को संगठन का आकार भी प्रभावित करता है। यदि संगठन का आकार छोटा है तो केन्द्रीयकृत व्यवस्था और आकार बड़ा होने पर विकेन्द्रीयकरण किया जा सकता है।

(3) प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति किसी संस्था की संगठन संरचना का निर्माण प्रतिस्पर्धा की स्थिि पर भी निर्भर करता है।

(4) प्रबन्धकीय व्यूह रचना-प्रबन्धकों की रणनीति का भी संगठन संरचना पर प्रभाव पड़ता है. अतः संगठन संरचना उनकी व्यूह रचना के अनुकूल होनी चाहिए।

(5) निरन्तरता-संगठन संरचना में निरन्तरता का तत्व निहित होना चाहिए जिससे निकट भविष्य में प्राप्त करने वाले लक्ष्यों को भी उसी संगठन संरचना में प्राप्त किया जा सके।

(6) वातावरण देश के आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक वातावरण का भी संगठन संरचना पर प्रभाव पड़ता है। अतः प्रभावी संगठन संरचना वह है जो संगठन को देश के वातावरण के अनुकूल छाल सके।

(7) तकनीक किसी संस्था में उत्पादन के क्षेत्र में प्रयुक्त तकनीक भी संगठन संरचना को प्रभावित करती है।

(8) नियन्त्रण का विस्तार-संगठन संरचना का निर्माण करते समय नियन्त्रण के विस्तार का ध्यान रखना चाहिए जिससे कि प्रत्येक अधिकारी सुविधापूर्ण अपने अधीनस्थों की क्रियाओं का निरीक्षण व पर्यवेक्षण कर सके।

(9) विभागीयकरण-विभागीयकरण के अनेक आधार होते हैं, जैसे-वस्तु के आधार पर विभागीयकरण, ग्राहकों के आधार पर विभागीयकरण, भौगोलिक क्षेत्र के आधार पर वर्गीकरण प्रक्रिया के आधार पर विभागीयकरण आदि और प्रत्यक्ष रूप से संगठन संरचना को प्रभावित करता है।

(10) निरन्तरता- अन्त में, संगठन संरचना के निर्धारण के सम्बन्ध में निन्तरता के सिद्धान्त का भी पालन किया जाना चाहिए। संगठन संरचना ऐसी होनी चाहिए कि वह न केवल उपक्रम के तात्कालिक उद्देश्यों को पूरा करने में समर्थ हो अपितु निकट भविष्य के उद्देश्यों को भी पूरा करने में समर्थ हो ।

(11) कार्यों की प्रकृति-प्रत्येक संस्था की स्थापना कुछ विशिष्ट प्रकार के कार्यों को समस्या करने के लिए की जाती है, अतः कार्यों की प्रकृति का भी संगठन संरचना पर प्रभाव पड़ता है।

(12) पद समता-संगठन संरचना का निर्माण करते समय पद समता को भी ध्यान में रखना चाहिए। इससे आशय यह है कि समान कार्य करने वाले व्यक्तियों के पद एवं अधिकारों में समता बनी रहनी चाहिए जिससे परस्पर सम्बन्धों में कटुता पैदा न हो।

संगठन संरचना हेतु सुझाव (Suggestions for Organisation Structure)

किसी उपक्रम के संगठनात्मक कलेवर का निर्धारण करते समय अनेक महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखना चाहिए; जैसे-अधिकारों की सीमा, विशिष्टीकरण की दशा में उपलब्ध कर्मचारियों की योग्यता, संगठन की लागत प्रबन्धकीय सन्देशवाहन की विधि आदि। एक वृहद व्यावसायिक इकाई की संगठन संरचना के निर्माण में निम्नलिखित घटक महत्वपूर्ण है

(1) क्रिया विभाजन (Departmentation)- संगठन संरचना के निर्धारण में सबसे महत्वपूर्ण पटक क्रियाओं का विभागीयकरण करना है। क्रियाओं का वर्गीकरण या विभागीयकरण कार्यानुसार या क्षेत्रानुसार या विधि अनुसार या उत्पादन अनुसार या संख्यानुसार या ग्राहक अनुसार आदि विधियों में से किसी एक विधि के अनुसार करना चाहिए। विभागीयकरण में यह ध्यान रहे कि उपक्रम के भागों, विभागों तथा उपविभागों को समान अवसर प्राप्त हो।

(2) उत्तम प्रवन्ध व्यवस्था (Provision for Good Management)-कम्पनी अधिनियम द्वारा निर्मित एक कृत्रिम व्यक्ति होने के कारण इसकी संगठन संरचना करने में उच्च प्रबन्ध व्यवस्था की आवश्यकता होती है। अतः योग्य एवं अनुभवी संचालक मण्डल नियुक्त किया जाना चाहिए।

(3) उत्तरदायित्व केन्द्रों का निर्धारण (Determination of Operative Responsibility) -उत्तरदायित्व केन्द्रों का निर्धारण करना एक अत्यन्त महत्वपूर्ण कार्य होता है। यह कार्य बहुत ही सावधानी के साथ उपक्रम की नीतियों को ध्यान में रखकर करना चाहिए। इस कार्य के लिए केन्द्रीयकरण तथा विकेन्द्रीयकरण की नीतियों को ध्यान में रखना चाहिए।

(4) संरचनात्मक व्यवस्था (Structural Arrangements)-संरचना व्यवस्था से अभिप्राय संरचना से सम्बन्धित ऐसी विधि अपनाने से है जिसके द्वारा सम्बन्धित विभागों एवं कार्यकारी इकाइयों का कार्य सरलतापूर्वक चलता रहे। प्रत्येक उपक्रम की संरचनात्मक व्यवस्था श्रेष्ठतम होनी चाहिए।

(5) सुविधाजनक इकाइयाँ (Facilitating Units)-संगठन संरचना के निर्धारण में यह तथ्य बहुत महत्वपूर्ण है। सुविधाजनक इकाइयों को विभिन्न विभागों अथवा समितियों के रूप में संगठित किया जा सकता है। इन्हें संगठित करते समय पर्याप्त नियन्त्रण, समन्वय व समानता आदि को ध्यान ने रखना चाहिए।


Meaning and Definition of Organization Structure

Organization structure refers to the form of organization in business, how the structure of the organization is ensured. Determining the organization structure makes it easy to allocate work to the management and there is a clear mention of the related tasks in it, due to which the knowledge of the shortcomings of the enterprise becomes immediately. In other words, the structure showing the relationship between the entire organizational set up of an enterprise and the employees working is called ‘Organization Structure’.

According to Albert Henry H., “Organization structure is the framework in which managerial and operational functions are performed.

According to Wicksberg, “Organizational structure refers to the setting up of existing relationships between individuals and groups.”

According to Fred Luthans, “Organization structure refers to the framework for institutional behavior.

According to Hurley, “Organizational structure is the structure of the relationships among the individuals assigned to the various positions of a firm.”

Factors Determining the Organization Structure

Following are the major components or elements affecting the organization structure

(1) Objectives of the Organization The objectives of the organization are the fundamental determining factor of the organizational structure. While creating an organization, the objectives of the organization should be kept in mind because the organization itself is a means to achieve the objectives.

(2) Size of the organization – The size of the organization also affects the structure. If the size of the organization is small then centralized system and if the size is large then decentralization can be done.

(3) Competitive Situation The formation of the organization structure of an organization also depends on the location of the competition.

(4) Managerial Strategy – The strategy of the managers also has an impact on the organization structure. So the organization structure should be in accordance with their strategy.

(5) Continuity – The element of continuity should be contained in the organization structure so that the goals to be achieved in the near future can also be achieved in the same organization structure.

(6) Environment The economic, social and political environment of the country also has an effect on the organization structure. Therefore, an effective organizational structure is one that can adapt the organization to the environment of the country.

(7) Technology The technology used in the field of production in an organization also affects the organization structure.

(8) Expansion of Control – While designing the organization structure, care should be taken to extend the control so that every officer can conveniently observe and supervise the activities of his subordinates.

(9) Departmentalization-Departmentalization has many bases, such as departmentalization on the basis of commodity, departmentalization on the basis of customers, departmentalization on the basis of classification process on the basis of geographical area etc. and directly affects the organization structure.

(10) Continuity – Lastly, the principle of continuity should also be followed in relation to the determination of the organizational structure. The organization structure should be such that it is capable of fulfilling not only the immediate objectives of the undertaking but also the near future objectives.

(11) Nature of tasks – Every organization is established to deal with some specific types of tasks, so the nature of tasks also has an impact on the organization structure.

(12) Position Equity – While designing the organization structure, post parity should also be kept in mind. This means that there should be equality in the rank and rights of persons doing similar work so that bitterness does not arise in mutual relations.

Suggestions for Organization Structure

There are several important points to be kept in mind while determining the organizational profile of an enterprise; For example, the extent of authority, the qualifications of the employees available in case of specialization, the cost of the organization, the method of managerial communication, etc. The following components are important in building the organizational structure of a large business unit:

(1) Departmentation – The most important factor in determining the organizational structure is the departmentalization of activities. Classification or departmentalization of activities should be done according to any one of the methods like work wise or area wise or method wise or production wise or numerical or customer wise etc. In departmentalisation, it should be kept in mind that the parts, departments and sub-divisions of the undertaking should get equal opportunities.

(2) Provision for Good Management – Being an artificial person created by the Companies Act, there is a need for high management system in its organization structure. Therefore, qualified and experienced Board of Directors should be appointed.

(3) Determination of Operative Responsibility – Determination of responsibility centers is a very important task. This work should be done very carefully keeping in mind the policies of the enterprise. For this work the policies of centralization and decentralization should be kept in mind.

(4) Structural Arrangements – By the structure arrangement, it means adopting such a method related to the structure, by which the work of the departments and executive units can go on smoothly. The structural arrangement of every enterprise should be optimum.

(5) SuviFacilitating Units – This fact is very important in determining the organization structure. Facilitated units may be organized into various departments or committees. While organizing them, adequate control, coordination and equality etc. should be kept in mind.

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