समय की माँग के अनुसार पारिवारिक मान्यताओं को दादा जी किस प्रकार स्वीकृति देते हैं? स्पष्ट कीजिए। How does the grandfather approve the family beliefs as the need of the hour? Explain.

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समय की माँग के अनुसार पारिवारिक मान्यताओं को दादाजी विशाल वटवृक्ष के स्वीकृति देते हैं। इस स्वीकृति के द्वारा वे परिवर्तित पारिवारिक मान्यताओं को महत्व देते हैं और इस पर दृढ़ भी रहते हैं। इसीलिए वे दृढ़तापूर्वक समझाते हुए इंदु से कहते भी हैं

बेटा! यह कुटुंब एक महान वृक्ष है। हम सब डालियाँ हैं। डालियों से ही पेड़ है और डालियाँ छोटी हो चाहे बड़ी, सब उसकी छाया को बढ़ाती है। मैं नहीं चाहता, कोई डाली इससे टूटकर अलग हो जाए। तुम सदैव मेरा कहा मानते रहे हो। बस यही बात मैं कहना चाहता हूँ.. ……. यदि मैंने सुन लिया- किसी ने छोटी बहू का निरादर किया है, उसकी हँसी उड़ायी या उसका समय नष्ट किया है तो इस घर में मेरा नाता सदा के लिए टूट जाएगा अब तुम सब जा सकते हो।”


According to the need of the time, Grandfather approves the family beliefs with the huge banyan tree. Through this acceptance, they value and stick to changed family beliefs. That is why, while explaining strongly, he also says to Indu

Son! This family is a great tree. We are all branches. A tree is made of branches, and whether the branches are small or big, all add to its shadow. I do not want any branch to break off from it. You have always believed in what I said. That’s all I want to say. Now you can all go.”

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