“सांख्यिकीय समंक संख्यात्मक तथ्य है, किन्तु सभी संख्यात्मक तथ्य सांख्यिकीय समंक नहीं।” इस कथन को स्पष्ट कीजिए तथा समंकों की विशेषताओं की विवेचना कीजिए। “Statistical data are numerical facts, but all numerical facts are not statistical data.” Explain this statement and discuss the characteristics of the data.

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प्रस्तुत प्रश्न में प्रथम वाक्यांश यह बतलाता है कि सांख्यिकीय समंक संख्यात्मक तथ्य होते हैं अर्थात् सांख्यिकी में यह विशेषता पायी जाती है कि वह किसी मद के निर्धारण के लिए संख्याओं को एक समूह में लेकर परिणाम निकालने का कार्य करती है इसके लिए यह आवश्यक है कि जैसे किसी एक व्यक्ति की आय को समंक नहीं कहा जा सकता जबकि अनेक व्यक्तियों की आय से सम्बन्धित संख्याओं को समंक कहा जा सकता है। अतः संख्याओं के ऐसे समूह जिनसे कुछ परिणाम निकाले जा सकते हों तथा जिनमें किसी समस्या पर प्रकाश डाला जा सकता है, समंक कहे जाते हैं। द्वितीय वाक्यांश में कहा गया है कि सभी संख्यात्मक तथ्य सांख्यिकीय समंक नहीं होते अर्थात् यदि संख्यात्मक तथ्य लघुगणक हैं, तो इन्हें सांख्यिकीय समंक नहीं कहा जा सकता है, क्योंकि ये समस्या पर पूर्णतया प्रकाश नहीं डालते। एक विद्वान ने ठीक ही लिखा है कि समंक सारयुक्त होते हैं जो उद्देश्यों को बताते हैं। इस प्रकार सभी संख्याएँ समंक नहीं होती। इस प्रकार स्पष्ट है कि यदि तथ्यों का कोई समुह सांख्यिकी है तो वह संख्यात्मक तथ्य अवश्य होगा, किन्तु प्रत्येक संख्यात्मक तथ्य का सांख्यिकीय समक होना आवश्यक नहीं है। संख्यात्मक तथा सांख्यिकीय तथ्य तभी होंगे, जबकि वे समकों की निम्न विशेषताओं को पूर्ण करें।

समकों की विशेषताएँ (Characteristics of Data)

बहुवचन या समकों के रूप में सांख्यिकी की निम्न विशेषताएँ पायी जाती है

1. तथ्यों का समूह-समंक तथ्यों के समूह के रूप में पाये जाते हैं। किसी एक संख्या या घटना को समंक नहीं कहा जा सकता है। प्रो. चार्ल्स पी. योगिनी का कथन है कि “सभी संख्यायें समंक नहीं होती हैं।”

2. संख्या में व्यक्त समंकों में केवल वही तथ्य सम्मिलित किये जाते हैं जिन्हें संख्याओं में व्यक्त किया जा सकता है। अन्य शब्दों में, जब तक इन्हें परिमाणात्मक रूप में नहीं व्यक्त किया जाता है, यह समंक नहीं कहे जाते हैं।

3. अनेक कारणों से प्रभावित सांख्यिकी तथ्य किसी एक कारण से न होकर अनेक कारणों से प्रभावित होते हैं। इसीलिये कहा जाता है कि समंक एक जटिल तथ्यों की माप से सम्बन्धित है जिनका विकास बदलती परिस्थितियों में होता है।

4. उचित मात्रा में शुद्धता-समंकों का संकलन करते समय पर्याप्त मात्रा में शुद्धतां होनी चाहिये। शुद्धता का स्तर इस बात पर निर्भर करता है कि समंकों के संकलन का क्षेत्र, उद्देश्य तथा साधन क्या पाये जाते हैं। यही इसकी विशेषता है।

5. पूर्व निश्चित उद्देश्य उद्देश्यहीन संकलित आंकड़े समंक नहीं कहलाते हैं। केवल ऐसे तथ्यों का संकलन समंक कहलाता है जो किसी कार्य के पूर्व निश्चित उद्देश्य के लिये किया गया हो बिना उद्देश्य के संकलन संख्याओं का ढेर होता है।

6. व्यवस्थित होना आंकड़ों में उचित स्तर की शुद्धता के लिये यह भी आवश्यक है कि उनका संचालन व्यवस्थित रूप से किया जाना चाहिये। आंकड़ों के संकलन के पूर्व उद्देश्य, क्षेत्र तथा रीति का निर्धारण कर लिया जाना चाहिये।

7. परस्पर सम्बन्ध–आंकड़ों के एकत्रित करने का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य तुलना भी होता है। अतएव आंकड़े ऐसे होने चाहिये जिसे परस्पर तुलनात्मक रूप में रखा जा सके। अतएव आंकड़ों में सजातीयता का पाया जाना भी अनिवार्य है।

उपरोक्त विवेचन से यह स्पष्ट होता है कि समंकों का सम्बन्ध किसी व्यक्ति विशेष से न होकर समूह से होता है। इसी प्रकार किसी एक तथ्य की संख्या में व्यक्त करना समंक नहीं कहलाता है वरन् तथ्यों के समूह या विशेषताओं वाली संख्याओं को ही समंक कहते हैं। इस प्रकार कहा जा सकता है कि “एक तथ्य नहीं बल्कि तथ्यों के समूह सांख्यिकी की विषय सामग्री होती है।”


In the present question, the first clause states that statistical data are numerical facts, that is, statistics have the characteristic that it works by taking numbers in a group to determine an item, for this it is necessary that such as The income of a single person cannot be called a data, whereas the numbers related to the income of several persons can be called a data. Therefore, such sets of numbers from which some result can be drawn and in which some problem can be highlighted, are called data. The second clause states that not all numerical facts are statistical data, that is, if numerical facts are logarithms, then they cannot be called statistical data, because they do not completely throw light on the problem. One scholar has rightly written that data is a summary which tells the objectives. Thus not all numbers are even numbers. It is thus clear that if a set of facts is a statistics, then it must be a numerical fact, but every numerical fact need not be a statistical equivalent. Numerical and statistical facts will exist only if they satisfy the following characteristics of the equations.

Characteristics of Data

The following characteristics of statistics are found in the form of plural or equivalents

1. Set of facts – Data are found in the form of a set of facts. No single number or event can be called a data. Pro. Charles P. Elf says that “not all numbers are data.”

2. Data expressed in numbers include only those facts which can be expressed in numbers. In other words, unless they are expressed in quantitative form, they are not called data.

3. Statistical facts affected by many factors, but not due to any one reason, are affected by many reasons. That is why it is said that data is related to the measurement of complex facts which develop under changing circumstances.

4. Accuracy in the right amount – While compiling the data, there should be a sufficient amount of accuracy. The level of accuracy depends on the scope, purpose and means of collecting the data. That is its specialty.

5. Predetermined purpose The data collected without purpose is not called data. The collection of only such facts is called data, which has been done for a predetermined purpose of some work, without any purpose the collection is a pile of numbers.

6. To be systematic For proper level of accuracy in the data it is also necessary that they should be handled systematically. The purpose, area and method should be determined before collecting the data.

7. Interrelationship – An important purpose of collecting data is comparison. Therefore, the data should be such that it can be kept in a mutually comparable form. Therefore, it is also necessary to find homogeneity in the data.

It is clear from the above discussion that the data is not related to any individual but to the group. Similarly, expressing any one fact in number is not called data, but only the number of facts having group or characteristics is called data. Thus it can be said that “not a single fact but a set of facts is the subject matter of statistics”.

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