प्रतिवेदन के क्या आशय है? प्रतिवेदन के प्रकार लिखिए। What is the meaning of report? Write the type of report.

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उत्तर-प्रतिवेदन उन विवरणों को कहा जाता है जो किसी घटना या व्यक्ति के क्रिया-कलाप के सूक्ष्म निरीक्षण के पश्चात् तैयार किये जाते हैं। ये प्रतिवेदन इन घटनाओं और व्यक्तियों के क्रिया-कलापों की यथार्थ स्थिति प्रकट करते हैं और उनकी उपयोगिता का परीक्षण भी करते हैं।

अनेक संस्थाओं और समितियों की बैठकें समय-समय पर इस उद्देश्य को दृष्टिगत रखकर होती रहती हैं कि उनके कार्य में क्या प्रगति हो रही है या कौन-सी कमी आ रही है। इन बैठकों की समीक्षा के रूप में भी प्रतिवेदन तैयार किये जाते हैं। कभी ऐसा भी होता है कि ये समितियाँ या संस्थाएँ किसी व्यक्ति विशेष के कार्यों की जाँच के लिये, समिति के कार्य-कलापों में सुधार के लिये अथवा अन्य किसी उद्देश्य से जाँच अधिकारी की नियुक्ति करती हैं। यह जाँच अधिकारी या जाँच समिति, जाँच पूरी करने के बाद अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हैं। अर्थात् “प्रतिवेदन वह विवरणात्मक लेखा-जोखा है जो वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उसे व्यवस्थित बनाने के लिये प्रस्तुत किया जाता है।” प्रतिवेदन के प्रकार प्रतिवेदनों का वर्गीकरण कई आधारों पर किया जाता है;

जैसे 1. अवधि को दृष्टिगत रखकर, 2. संख्या के आधार पर, 3. प्रसारण की दृष्टि से, 4. प्रतिवेदन से सम्बन्धित घटना और व्यक्ति के आधार पर, 5. प्रारूप के आधार पर।

(1) समय (अवधि) के आधार पर इस रूप में प्रतिवेदन दो प्रकार के होते हैं (अ) नियमित या रेग्यूलर-कर्मचारियों की चरित्रावली और विभागों के वार्षिक प्रतिवेदन इन्हीं के अन्तर्गत आते हैं। (आ) सामयिक-जो किसी विशेष उद्देश्य की पूर्ति हेतु तैयार किये जाते हैं।

(2) संख्या के आधार पर प्रतिवेदन देने वालों की संख्या को दृष्टिगत रखकर प्रतिवेदनों के दो भेद किये जा सकते हैं

(अ) व्यक्तिगत प्रतिवेदन-इसे एक व्यक्ति प्रस्तुत करता है। (आ) सामूहिक प्रतिवेदन- इस प्रतिवेदन में सभी सदस्यों के विचारों का योग रहता है।

(3) प्रसारण की दृष्टि से इस दृष्टि से भी प्रतिवेदन के दो प्रकार होते हैं

(अ) गुप्त या गोपनीय-जिसे गोपनीय रखा जाता है।

(आ) प्रकाशित-इसे प्रकाशित या प्रसारित भी किया जा सकता है।

(4) घटना या व्यक्ति के आधार पर इस दृष्टि से प्रतिवेदन चार प्रकार के हो सकते हैं जो निम्न प्रकार है

(अ) किसी कार्यशाला गोष्ठी अथवा समारोह का प्रतिवेदन

(आ) नियुक्त की गई जाँच समिति का प्रतिवेदन | (इ) किसी व्यक्ति की गोपनीय रिपोर्ट का प्रतिवेदन |

(ई) किसी संस्था या समिति का प्रतिवेदन |

(5) प्रारूप के आधार पर ऐसे प्रतिवेदन दो प्रकार के होते हैं

(i) निश्चित प्रारूप वाले प्रतिवेदन-ऐसे प्रतिवेदन प्रायः मुद्रित प्रपत्रों में प्रस्तुत करने होते हैं।

इनमें आकलन किसी निश्चित मुद्दे पर किया जाता है। (ii) मुक्त प्रारूप वाले प्रतिवेदन-ऐसे प्रतिवेदनों में आंकलन अनिश्चित होता है और प्रतिवेदन को कुछ छूट होती है।


Answer- Reports are said to be those statements which are prepared after careful observation of the activities of some event or person. These reports reveal the exact status of these events and activities of individuals and also examine their usefulness.

Meetings of many institutions and committees are held from time to time keeping in view the objective that what progress is being made in their work or what is lacking. Reports are also prepared in the form of review of these meetings. Sometimes it also happens that these committees or institutions appoint an inquiry officer to investigate the work of a particular person, to improve the activities of the committee or for any other purpose. This Inquiry Officer or Inquiry Committee submits its report after completing the inquiry. That is, “report is that descriptive account which is presented after reviewing the present system to make it systematic”. Types of Reports Reports are classified on a number of grounds;

Such as 1. on the basis of duration, 2. on the basis of numbers, 3. on the basis of broadcast, 4. on the basis of incident and person related to the report, 5. on the basis of format.

(1) On the basis of time (duration) there are two types of reports in this form (a) regular or regular-characteristics of employees and annual reports of departments come under these. (B) Periodicals – which are prepared for the fulfillment of a particular purpose.

(2) Keeping in view the number of people reporting on the basis of number, two distinctions of reports can be made.

(a) Personal Report – It is presented by a person. (B) Collective Report – The sum of the views of all the members remains in this report.

(3) From the point of view of broadcasting, there are two types of reports from this point of view.

(a) Confidential or confidential – that which is kept confidential.

(B) Publish – It may also be published or broadcast.

(4) On the basis of the event or person, in this regard, reports can be of four types, which are as follows:

(a) Report of any workshop, seminar or function

(B) the report of the inquiry committee appointed. (C) the reporting of the confidential report of any person.

(e) the report of any institution or committee.

(5) On the basis of format, such reports are of two types.

(i) Reports of fixed format – Such reports are usually to be submitted in printed form.

In these, assessment is done on a certain issue. (ii) Open Draft Reports – In such reports the assessment is uncertain and the report has some relaxation.

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