प्रारूप लेखन से क्या अभिप्राय है ? एक अच्छे प्रारूप में किन-किन बातों का समावेश किया जाता है ? What is meant by draft writing? What are included in a good format?

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प्रारूप लेखन का अभिप्राय सामान्य रूप से उन पत्रों, सूचनाओं तथा परिपत्रों से है, जिनका उपयोग शासकीय विभागों अथवा व्यावसायिक संस्थानों में किया जाता है। प्रारूप लेखन के लिए निम्नलिखित बातें आवश्यक है

1. विषय प्रारूप का विषय स्पष्ट होना चाहिए, ताकि प्रारूप पढ़ते ही समझ में आ जाये।

2. निर्देश- यदि प्रारूप में प्रस्तुत किये जा रहे विषय के सम्बन्ध में कोई पिछला सन्दर्भ हो तो उसका निर्देश अवश्य करना चाहिये।

3. प्रारूप के भाग-प्रत्येक प्रारूप के सामान्यतया तीन भाग हो सकते हैं, पहले भाग में प्रारूप का विषय और सन्दर्भों के सम्बन्ध में निर्देश, दूसरे भाग में विषय का समर्थन और तीसरे भाग में युक्तियों के आधार पर निष्कर्ष दिया जाना चाहिये।

4. अनुच्छेद-प्रारूप अलग-अलग अनुच्छेदों में लिखा जाना चाहिये। कहीं-कहीं अनुच्छेदों पर क्रम संख्या डालने की पद्धति है तथा कहीं पर उपशीर्षक पहले अनुच्छेद पर कोई संख्या नहीं डाली जाती है।

5. भाषा-प्रारूप-लेखन में भाषा होनी चाहिये। अतिशयोक्ति या आवश्यक आग्रह का निषेध है। प्रारूप की भाषा में कवित्व, व्यंजना या अलंकारों के लिये स्थान नहीं है। तथ्यों को स्पष्ट करने वाली सीधी-सादी भाषा का उपयोग प्रारूप लेखन में किया जाना चाहिये। ग्रामीण या आंचलिक शब्दों का प्रयोग नहीं होना चाहिये। वाक्य छोटे-छोटे एवं स्पष्ट होने चाहिये।

6. उद्धरण-किसी नियम तथा उच्चाधिकारी के आदेश यदि उद्धृत करना आवश्यक हो तो उस नियम अथवा आदेश के मूल शब्दों को देना चाहिये।

7. प्रतिलिपि-प्रतिलिपि जिन-जिन अधिकारियों को दी जाती है, उसका स्पष्ट निर्देश होना चाहिए। कभी-कभी आवश्यक न होने पर पृष्ठांकन का उल्लेख नहीं किया जाता, अतः पृष्ठांकन का भाग छोड़ दिया जाता है।

8. संलग्न पत्र-पत्र के साथ संलग्न पत्र भी कभी-कभी भेजे जाते हैं। प्रारूप के अन्त में संलग्न पत्रों की सूची दी जानी चाहिये। उपर्युक्त समस्त बातों को यदि ध्यान में रखा जाये तो एक अच्छा प्रारूप तैयार हो सकता है।


Drafting generally refers to those letters, information and circulars, which are used in government departments or business institutions. Following things are necessary for draft writing

1. The subject of the subject format should be clear, so that it can be understood as soon as the draft is read.

2. Instructions – If there is any previous reference regarding the subject being presented in the format, then it must be directed.

3. Parts of the Draft – Generally, there can be three parts of each draft, in the first part the subject of the draft and instructions regarding the references, in the second part the support of the topic and in the third part the conclusion should be given on the basis of the tips.

4. Paragraph format should be written in separate paragraphs. Sometimes there is a system of putting serial numbers on the paragraphs and in some places no number is put on the first paragraph of the subheading.

5. Language – There should be language in drafting. There is a prohibition of exaggeration or necessary urges. There is no place for poetry, euphemism or rhetoric in the language of the format. Simple language that explains the facts should be used in draft writing. The words rural or regional should not be used. Sentences should be short and clear.

6. Quotation – If it is necessary to quote any rule and order of a higher authority, then the original words of that rule or order should be given.

7. Copy – There should be clear instructions from the officers to whom the copy is given. Sometimes the endorsement is not mentioned when it is not necessary, so the part of the endorsement is omitted.

8. Attached letters are sometimes sent along with the attached letter. A list of attached letters should be given at the end of the form. If all the above things are kept in mind then a good draft can be prepared.

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