उत्तर- निमन्त्रण पत्र का अभिप्राय ऐसे पत्रों से है जो औपचारिक पत्रों के अन्तर्गत आते हैं। ऐसे पत्र व्यक्तिगत होते हुए भी व्यक्तिगत न होकर निर्वैयक्तिक (Impersonal) होते हैं। ऐसे पत्रा में नामकरण, शादी, व्याख्यान, स्वागत, उत्सव आदि से सम्बन्धित पत्र होते हैं।

निमंत्रण पत्र विशिष्ट उद्देश्यों को लेकर लिखे गये पत्र होते हैं। ऐसे पत्रों से प्रत्येक व्यक्ति एवं परिवार न केवल जुड़े रहते हैं, साथ ही एक सामाजिक आचरण से भी लोग बँधे रहते हैं। निमंत्रण पत्र का महत्व एवं आवश्यकता निमंत्रण पत्रों से सामाजिक शिष्टाचार की पूर्ति होती है। भावनाओं एवं संबंधों का प्रकटीकरण भी निमंत्रण पत्रों के माध्यम से होता है। दूरस्थ व्यक्तियों को पास लाने का श्रेष्ठ माध्यम निमंत्रण है। अतः निमंत्रण पत्रों की आवश्यकता। हमेशा रहेगी।


Answer- Invitation letter means such letters which come under formal letters. Such letters, despite being personal, are not personal but impersonal. Such letters contain letters related to naming, marriage, lecture, reception, celebration etc.

Invitation letters are letters written for specific purposes. Not only do every person and family remain connected with such letters, but people are also bound by a social conduct. Importance and need of invitation letter Invitation letters fulfill social etiquette. Revelation of feelings and relationships is also done through invitation letters. Invitation is the best medium to bring distant people closer. Hence the need for invitation cards. Will always be

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