उत्तर- मालती जोशी ने अपने साहित्य संसार में उपन्यास व कहानियों की रचना की। उनका संक्षिप्त विवरण निम्नानुसार है

1. पटाक्षेप- ‘पटाक्षेप’ नामक उपन्यास में मालती जोशी ने एक नये नैतिक बोध की ओर संकेत करते हुए औरतों की कस्बाई मनोवृत्ति को त्यागने पर बल दिया। 2. राग-विराग-राग-विराग’ नामक उपन्यास में नारी की नियति को बड़े ही मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। 3. पाषाण युग- ‘पाषाण युग’ में मालती जोशी ने विधुर और बेमेल विवाह के प्रश्नों को उठाया है।

4. निष्कासन- ‘निष्कासन’ उपन्यास में माँ के प्रति बेटी के मन में कुछ ऐसी ग्रंथियाँ पड़ गयी कि उसे देखते ही वह पागल जैसी हरकतें करती है।

5. ज्वालामुखी के गर्भ में- ‘ज्वालामुखी के गर्भ में’ उपन्यास में दो बहनों ने स्वयं की और अपने परिवार की जिंदगी कब्रिस्तान जैसी वीरान बनाकर रखी है।

गोपनीय- ‘गोपनीय’ उपन्यास से मालती जोशी के द्वारा यथार्थ का पलड़ा पकड़ने से सारी घटनाएँ ‘गोपनीय’ नहीं रही।

7. ऋणानुबंध- ‘ऋणानुबंध’ उपन्यास में एक मध्यवर्गीय परिवार में टूटते और बिखरते संबंधों का चित्रण है।

8. समर्पण का सुख- समर्पण का सुख’ दाम्पत्य जीवन पर आधारित रचना है। यह एक ऐसी युवती की कथा है जो बाल्यावस्था में पारिवारिक दायित्व धारण करने से प्रौढ़ हो गयी है।

9. चाँद अमावस का- ‘चाँद अमावस का’ उपन्यास में एक तरफा प्यार की कहानी है।

10. विश्वास गाया- ‘विश्वास गाया’ उपन्यास, नामक कहानी को अंधविश्वास को मानो बल देने के लिए लिखा गया है।

11. सहचारिणी- ‘सहचारिणी’ उपन्यास की नायिका नीलम है जिसने ज्यादा पूछताछ न करके योगेश से शादी कर ली। बाद में उसे पता चलता है कि योगेश शादीशुदा है और एक लड़की का बाप भी है।

12. परिणय- ‘परिणय’ उपन्यास में सीमा और जितेन्द्र तथा चेतन और अनु ने एक-दूसरे को चाहा और समाज से विद्रोह करते हुए प्रेम विवाह किया। मालती जोशी की साहित्यिक विशेषताएँ- मालती जोशी एक कहानीकार और उपन्यासकार के रूप में ख्याति पायी है, परंतु उन्होंने अपने साहित्यिक जीवन की शुरुआत कविता से ही की थी। उनका कहना है कि “मालती जी की गोपनीय, परिणय स्वयंवर, चाइल्ड, कवच, जीने की राह, संवेदना आदि कहानियाँ रेडियो व नाट्य रूपान्तरण है।

मालती जोशी की सभी रचनाएँ प्रकाशित हैं। उनका कहना है कि मेरी सभी रचनाएँ प्रकाशित हुई हैं। उपन्यास तो मैंने दो ही लिखी- ‘सहचारिणी’ और राग-विराग’ पर मेरी कई कहानियों को संपादकों ने उपन्यास की संज्ञा के साथ छापा है। ‘मन न भये दस बीस’, चाँद अमावस का ‘शोभा यात्रा’ ‘ऋणानुबंध’ पुनराममनायच, आदि की रचनायें हैं।

मालती जोशी की विपुल रचना संसार उन्हें एक प्रभावशाली और सतत लेखन का ऐसा समर्थ रचनाकार साबित कर रहा है। जिन्होंने अपनी प्रतिभा से साहित्य जगत को आलोकित किया। लेकिन उअ न्यास, बाल कविताएँ जैसे विधाओं को भी उन्होंने समृद्ध किया है। मालती जोशी की कहानियों की भी भाषा सहज, सरल और संवदेनशील होती है। उन्होंने मध्यमवर्गीय परिवारों की हन मानवीय संवदेनाओं के साथ नारी मन के सूक्ष्म तंतुओं को रेखांकित किया है।

मालती जी स्वतंत्रता की पक्षधर है, नारी स्वच्छंदता का नहीं उनका मत है कि दासी से • स्वामिनी बनने का उद्यम, नारी को घर छोड़कर नहीं, घर में ही अपनी अस्मिता विकसित करते हुए करना होगा। वे मराठी भाषी हैं, किन्तु उनका मौलिक लेखन और चिंतन की भाषा हिन्दी है।

मालती जी अपनी कहानियों में शहरी व ग्रामीण दोनों ही वातावरण का चित्रण किया है। तत्कालीन समाज में बेटी के प्रति जो हीन भावना थी, उसका चित्रण भी मालती जी ने बहुत अच्छे ढंग से किया है।

सामाजिक व पारिवारिक वातावरण का चित्रण हुआ है। उसके अंतर्गत रीति-रिवाज, परंपराएँ, कुरीतियों, आचार-विचार, पारिवारिक विघटन का चित्रण मिलता है।


Answer- Malti Joshi composed novels and stories in her literary world. Their brief description is as follows

1. Patachesh- In the novel ‘Patakesh’, Malti Joshi, pointing to a new moral understanding, emphasized on abandoning the urban attitude of women. 2. In the novel Raag-Virag-Raag-Virag, the destiny of women has been presented in a very poignant manner. 3. Stone Age- In the ‘Stone Age’, Malti Joshi has raised the questions of widower and mismatched marriage.

4. Expulsion- In the novel ‘Expulsion’, some such glands fell in the mind of the daughter towards the mother that on seeing her she acts like a madman.

5. In the womb of the volcano – In the novel ‘In the womb of the volcano’, two sisters have kept their life and their family’s life as deserted as a graveyard.

Confidential – By Malti Joshi from the novel ‘Confidential’, all the incidents were not ‘secret’ due to the capture of reality.

7. Rananubandh – The novel ‘Runanubandh’ depicts the broken and disintegrating relations in a middle-class family.

8. Happiness of Surrender – Happiness of Surrender is a composition based on married life. This is the story of a young woman who has grown into adulthood by taking on family responsibilities in her childhood.

9. Chand Amavas Ka – The novel ‘Chand Amavas Ka’ is a story of one sided love.

10. Vishwas Gaiya- The novel, ‘Vishwas Gaiya’, has been written to give strength to superstition.

11. Sahcharini- The heroine of the novel ‘Sahcharini’ is Neelam who married Yogesh without much inquiry. She later learns that Yogesh is married and is also the father of a girl.

12. Parinee- Seema and Jitendra and Chetan and Anu in the novel ‘Pariney’ wanted each other and revolted against the society and got married. Literary Characteristics of Malti Joshi- Malti Joshi has gained fame as a story writer and novelist, but she started her literary career with poetry. He says that “Malti ji’s secret, culmination swayamvar, child, armor, way of living, sensation etc. stories are radio and theatrical adaptations.

All the works of Malti Joshi are published. He says that all my works have been published. I wrote only two novels – ‘Sahacharini’ and ‘Raag-Virag’, but many of my stories have been published by the editors with the title of novel. There are compositions of ‘Mann Na Bhaye Dus Bees’, ‘Shobha Yatra’ of moon moon, ‘Rananubandh’, Punaramanayach, etc.

Malti Joshi’s prolific composition Sansar is proving him to be such a capable creator of an influential and continuous writing. Who illuminated the literary world with his talent. But he has also enriched the genres like Ua Nyas, Children’s poems. The language of Malti Joshi’s stories is also simple, simple and sensitive. He has outlined the subtle fibers of the female mind along with the human sensibilities of middle-class families.

Malti ji is in favor of freedom, not women’s freedom, she believes that the endeavor to become a mistress from a slave woman will have to be done by developing her identity at home, not leaving the house. He is Marathi speaking, but the language of his original writing and thinking is Hindi.

Malti ji has depicted both urban and rural environment in her stories. Malti ji has portrayed the inferiority complex towards the daughter in the then society very well.

The social and family environment is depicted. Under it, the depiction of customs, traditions, customs, ethics, family disintegration is found.

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