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Adani के चक्कर में LIC और भारत के बैंक डूब जाएंगे? समझें पूरा खेल..

डेस्क : जबसे हिडन वर्ग ने अपनी रिपोर्ट पेश की है तब से अदानी समूह की दिक्कतें खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है, हिंडनबर्ग की इस रिपोर्ट के बाद से अडानी समूह को पहले ही अरबों का फटका लग चुका है. लेकिन अब अडानी समूह को ऋण देने वाले बैंकों ने भी अपने बांटे गए लोन का आकलन करना शुरू कर दिया है. Indian Express की एक रिपोर्ट बताती है कि इन बैंकों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर वे सभी जरूरी कदम भी उठाएंगे.

अडानी समूह पर बैंकों का कुल 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है. देश के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक SBI के मुताबिक अडानी समूह के लिए बैंक का एक्सपोजर RBI के मानकों जैसे लार्ज एक्सपोजर फ्रेमवर्क (LEF) से कम है. लार्ज एक्सपोजर फ्रेकवर्क के तहत ये तय होता है कि एक कारपोरेट घराने को बैंक अधिकतम कितने तक का कर्ज बांट सकते हैं. इसी तरह से दूसरा मानक मसलन TRA यानी ट्रस्ट और रिटेंशन अकाउंट से मिलान किया जाये तो बैंक की संपत्ति सुरक्षित है और अडानी समूह से उधार वसूलने में कोई भी दिक्कत नहीं होगी.

हिंडनबर्ग की इस रिपोर्ट आने के बाद से अडानी समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट भी देखने को मिली है. पिछले 3 ही कारोबारी दिनों में अडानी समूह की कंपनियों का मार्केट कैप करीब 5.8 लाख करोड़ रुपये तक साफ हो चुका है. अडानी समूह की लिस्टेड कंपनियों जैसे अडानी टोटल गैस लिमिटेड और अडानी ट्रांसमिशन के शेयरों में आज सबसे ज्यादा करीब 20 फीसदी तक की भारी गिरावट भी देखने को मिली.

इसका असर कंपनी के चेयरमैन गौतम अडानी की संपत्ति पर भी खूब पड़ा है. FORBES के मुताबिक गौतम अडानी दुनिया के अमीरों की लिस्ट में खिसककर अब 8वें नंबर पर आ गए हैं. अडानी समूह की कंपनियों में आई इस गिरावट की वजह से आम निवेशकों के अलावा देश की सबसे बड़ी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी यानी LIC को भी अच्छा खासा नुकसान उठाना पड़ा है. पिछले 3 दिनों में LIC को करीब 19 हजार करोड़ रुपये की चपत भी लग चुकी है.

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