लेखक ‘संधि-वीची संस्कृति की संज्ञा किसे देता है? What does the author call the ‘Treaty-Vicchi culture’?

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संस्कृति में समुत्थान की शक्ति होनी चाहिए। जो संस्कृति परिवर्तनों का स्वागत नहीं करती है वह टूट जाती है। उनकी प्रगति का मार्ग अवरुद्ध परिवर्तन के स्रोत आंतरिक और बाह्य हो सकते हैं। समाज से भीतर एवं बाहर से परिवर्तन की प्रेरणाएँ मिलती है। समाजों के आपसी सम्पर्क से उनमें बहुलता आने लगती है।

जब एक पुरानी संस्कृति और दूसरी आयातित संस्कृति आपस में मिलती हैं तो उनमें एक मिश्रित भाव उत्पन्न होता है जो एक नई और उपसंस्कृति का रूप धारण कर लेती है। ऐसी उपसंस्कृति को ‘संधिवीची संस्कृति कहा जाता है। अर्थात् बाहर से आकर बसे लोग धीरे-धीरे अपने नये परिवेश के अनुकूल ढल जाते है और अपने अपनाये देश की संस्कृति के कई तत्वों को ग्रहण कर लेते हैं। इस प्रकार इन लोगों की जीवन निधि का जो स्वरूप निखरता है उसमें अपने पूर्वज, समाज और पोषण समाज की संस्कृतियों का अद्भुत मिश्रण होता है।

डॉ. योगेश अटल इन्हीं उपसंस्कृतियों को संधिवीची संस्कृति की संज्ञा देते हैं। भारतीय सामाजिक परिवेश के अंतर्गत विभिन्न प्रदेशों की संस्कृति का आपस में अद्भुत सम्मिश्रण पाया जाता है। पाश्चात्य एवं पौर्वात्य संस्कृतियाँ आपस में घुल-मिल गई है। वस्तुतः हम संधि वीची संस्कृति का जीवन जी रहे हैं।


Culture should have the power of resurgence. A culture that does not welcome change breaks down. The sources of change can be internal and external, blocking the way of their progress. Inspirations of change come from within and from outside the society. With the interaction of societies, plurality starts coming in them.

When one old culture and another imported culture mix, a mixed feeling arises in them which takes the form of a new and subculture. Such a subculture is called ‘Sandhivichi culture’. That is, the people settled from outside gradually adapt to their new environment and adopt many elements of the culture of their adopted country. In this way, the nature of the life fund of these people flourishes, in it there is a wonderful mixture of the cultures of their ancestors, society and nurture society.

Dr. Yogesh Atal calls these subcultures as Sandhivichi culture. Under the Indian social environment, a wonderful blending of the culture of different regions is found. The western and eastern cultures have mixed with each other. In fact, we are living the life of the Treaty Weichi culture.

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