वसीयत कहानी समाज के निम्न मध्यमवर्गीय परिवार से संबद्ध है। इस कहानी का उद्देश्य निम्न मध्यमवर्गीय समाज की तंग जिंदगी का यथार्थपूर्ण और मार्मिक चित्र उभारना और आर्थिक तंगी पर करारी चोट करना है। यह कहानी एक सामाजिक कहानी है जिसमें आर्थिक विपन्नता का मार्मिक चित्र अभिचित्रित किया गया है। परिवार के लोग जब सब कुछ अच्छा रहता है, तो साथ देते हैं किन्तु कुछ उतार-चढ़ाव आने पर मुड़कर भी नहीं देखते हैं।

कथानक- मालती जोशी की कहानी में वसीयत पात्रों के कथानक व कथोपकथन में सजीवता उत्पन्न की गई है। ओंकार घर में प्रवेश करता है और उनकी मुलाकात हरीश से होती है, वह अपनी भाभी का हाल-चाल पूछने आता रहता है। भाई की अंत्येष्टि के समय दूसरों के पास हाथ फैलाकर उधार पैसा माँगना उसे भाभी की याद दिलाती है। उस समय उनकी आर्थिक तंगी का यथार्थ के चित्रण किया गया है।

पात्र व चरित्र चित्रण- हरीश अपनी भाभी की हाल चाल पूछने आता है जिससे भाभी के प्रति प्रेम व लगाव उत्पन्न होता है भैय्या की मृत्यु के बाद भाभी का कुशलक्षेम पूछता है। संवाद- मालती जोशी जी ने व्यंग्यात्मक कहानी में कथानक को प्रभावी व रोचकता प्रदान करने का काम की हैं। मालती जी ने हास्य व्यंग्य संवादों का भी प्रयोग किया है। कहानी में संवादों की महत्ता भी कम नहीं होती। संवाद कहानी की घटना को गतिमान बनाने का कार्य करते हैं। साथ ही कहानी को रोचक, प्रभावी व सजीव बनाने में भी संवाद महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। वसीयत कहानी में भाभी ने हरीश को व्यंग्य करते हुए अंत्येष्टि की याद दिलाती है। शीर्षक- मालती जोशी ने वसीयत कहानी में यर्थाथता को समझाते हुए हरीश को बताती है कि उनके भैय्या पुराने मकान को उनके नाम कर देता है और स्वयं दूसरे जगह नया मकान बना लेता है। अर्थात वसीयत में अपने मृत्यु होने के बाद अपने भाईयों को अपने हिस्से का जो भी उसके पास था, उसे दे दिया। अतः कहानी का शीर्षक “वसीयत” सार्थक और उपयुक्त है।

भाषा शैली- वसीयत कहानी के माध्यम से मालती जोशी जी ने आलंकारिकता व गद्य भाषा में शोभान्वित व आलंकारिक भाषा का प्रयोग किया है। मालती जोशी ने काव्यात्मक व चित्रात्मक भाषा का प्रयोग भी अपनी कहानियों में किया है। मालती जी ने आवश्यकतानुसार विदेशी भाषा का भी प्रयोग कहानी को प्रभावी बनाने में किया है। भावात्मक संवाद भी कहानी की रोचकता में वृद्धि करते हैं।

वातावरण- मालती जी ने एक साधारण परिवार व मध्यमवर्गीय समाज का चित्रण व सादगी पूर्ण वातावरण व नये बंगला खरीदना तथा पुरानी पुश्तैनी मकान का रखरखाव का वर्णन व अंत में

बंगला बेचकर साधारण से घर पर रहकर भाभी अपना जीवन व्यतीत करती है। उद्देश्य- मालती जी ने वसीयत कहानी का उद्देश्य में यह बताया है कि वसीयत एक प्रकार की ऐसी युक्ति है जो पिता की मृत्यु पश्चात उनकी संपित्त का अधिकार लड़के व लड़कियों को बराबर हिस्से में बाँटा जाता है और जिसे यह नहीं मिलता वह परिवार से दूर हो जाता है।


The will story is related to the lower middle class family of the society. The purpose of this story is to create a realistic and poignant picture of the cramped life of the lower middle class society and to hit hard on the financial constraints. This story is a social story in which a poignant picture of economic poverty has been painted. The people of the family support when everything is good, but when there are some ups and downs, they do not even look back. tatva legal

Plot – In the story of Malti Joshi, the will has been created in the plot and narrative of the characters. Onkar enters the house and he meets Harish, who keeps on coming to inquire about his sister-in-law’s well being. Asking for loan money by reaching out to others at brother’s funeral reminds him of sister-in-law. His financial difficulties at that time have been portrayed in reality.

Character and Character Illustration – Harish comes to inquire about the well being of his sister-in-law, which generates love and affection for his sister-in-law, after the death of the brother-in-law, inquires about the well-being of the sister-in-law. Dialogue- Malti Joshi ji has done the work of providing effective and interesting to the plot in the satirical story. Malti ji has also used humorous satire dialogues. The importance of dialogues in the story is also not diminished. Dialogues serve to make the events of the story in motion. Along with this, dialogues also play an important role in making the story interesting, effective and alive. In the will story, the sister-in-law satirizes Harish and reminds him of the funeral. Title- Malti Joshi, explaining the accuracy of the will in the story, tells Harish that his brother gives the old house to his name and himself builds a new house in another place. That is, after his death in the will, he gave whatever part of his share he had to his brothers. Therefore the title of the story “Will” is meaningful and appropriate.

Language Style – Through the will story, Malti Joshi has used rhetorical and figurative language in rhetoric and prose language. Malti Joshi has also used poetic and pictorial language in her stories. Malti ji has also used foreign language as per the requirement to make the story effective. Emotional dialogues also add to the interestingness of the story.

Environment- Malti ji depicted a simple family and middle class society and described the simple environment and purchase of new bungalow and maintenance of old ancestral house and finally

After selling the bungalow, the sister-in-law lives her life by staying at a simple house. Purpose- Malti ji has told in the purpose of the will story that the will is such a device that after the death of the father, the right of his property is divided equally between boys and girls and the one who does not get it, he should be away from the family. goes.

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