कालबोधक संरचना किसे कहते हैं ? उदाहरण सहित समझाइए। What is the chronological structure called? Explain with example.

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उत्तर-हम जिन वाक्यों को बोलते लिखते, सुनते या पढ़ते हैं उनसे किसी-न-किसी काल (समय) का बोध होता है, कालबोधक संरचना कहते हैं। कालबोधक वाक्यों को समझने के पूर्व क्रिया के काल का परिचय प्राप्त कर लेना आवश्यक है।

निश्चित कालबोधक संरचना जिन वाक्यों में कालबोधक सुनिश्चित होता है, उन्हें निश्चित: कालबोधक संरचना कहते हैं। निश्चित कालबोध को बताने वाले शब्द ये है-क्षण, घण्टे, सन, संवत, दिन, तिथि, चौद, रात आदि, जैसे 1. आज रात कवि सम्मेलन का कार्यक्रम है। 2. उसका जन्म सन् 1965 में हुआ था।

अनिश्चित कालबोधक संरचनाएँ जिन वाक्यों में कालबोध अनिश्चित होता है, उन्हें अनिश्चित कालबोधक संरचनाएँ कहते हैं। अनिश्चित कालबोधक को व्यक्त करने वाले शब्द इस प्रकार है सवेरे शाम पूर्वान्ह मध्याह, अपरान्ह, रात, पक्ष आदि, जैसे

1. आज सबेरे कीर्तन है।

2. वह अपरान्ह में अवकाश लेकर गया। काल-क्रिया के उस रूपान्तर को ‘काल’ कहते हैं, जिससे उसके कार्य व्यापार का समय और उसकी पूर्ण अथवा अपूर्ण अवस्था का बोध हो। भेद-काल के तीन भेद है-(1) वर्तमान काल, (2) भूतकाल (3) भविष्यत् काल 1. वर्तमान काल-वर्तमान काल से यह विदित होता है कि कार्य अभी हो रहा है। यथा यवा

1. राम पढ़ता है। 2. भूतकाल – जिस क्रिया के माध्यम से कार्य पूरा हो चुकने का बोध उसे भूतकाल कहते हैं।

1. आज वह आया था।

2. मोहन जाता है।

2. उसने पुस्तक पढ़ी।

3. भविष्यत् काल-जिस क्रिया से यह विदित हो कि कार्य भविष्य में होगा, उसे भविष्यत् काल कहते हैं। यथा

1. ऐसा आदमी और कहीं नहीं मिलेगा। 2. अब वह क्या करेगा ? शब्दों से आशय-काल-बोध जहाँ सहायक क्रियाओं से होता है, वहीं कालबोधक शब्द भी काल का बोध कराते हैं।

भूत, भविष्य और वर्तमान में ही हम ‘काल’ को नहीं देखते, बल्कि क्षण, पल, घण्टा, मिनिट, प्रहर, दिन, रात्रि, प्रातः, शाम और दोपहर आदि में भी काल को देखते हैं। इन शब्दों के प्रयोग से भी काल-बोध का निश्चय होता है। काल-बोध के लिए केवल सहायक क्रियाएँ ही जरूरी नहीं हैं, बल्कि काल-बोधक शब्द भी जरूरी है। इन शब्दों का प्रयोग देखिये कालबोधक शब्दों द्वारा वाक्य बनाना

1. ‘पल’ और ‘क्षण’ द्वारा काल-बोध 1. राम दो पल के लिए यहाँ से बाहर गया। 2. उसने क्षण भर विश्राम किया।

3. एक क्षण के लिए रुको। 2. ‘घण्टा’ शब्द द्वारा काल-बोध 1. वह घण्टों बैठा रहता है।

4. पल भर के लिए चैन नहीं।

2. उसे पाँच घण्टे से तेज बुखार है। 3. तुम कितने घण्टे पढ़ते हो ? 4. उसका कॉलेज चार घण्टे लगता है।

3. ‘दिन’ शब्द से काल-बोध 1. वह कई दिन बीमार रहा।

3. तीन दिन बाद स्कूल खुला। 5. साहब उस दिन गाँव आए थे।

2. मोहन आठ दिन भूखा रहा। 4. वह कई दिन पढ़ता रहा।

इन उदाहरणों में कई दिन’, ‘तीन दिन’, ‘आठ दिन’, ‘उस दिन’ आदि कालबोधक शब्द है।

4. प्रातः शब्द से

1. वह आज प्रातः ही गाँव गया। 2. मोहन प्रातः घूमने जाता है। 8. विद्यार्थियों को प्रातः पढ़ना चाहिये।

5. ‘शाम’ शब्द से काल-बोध

1. वह शाम को घर लौट आता है। 2. शाम को पक्षी चौसलों में चले जाते हैं।


Answer- The sentences which we speak, write, listen or read give some sense of time (time), it is called tense structure. Before understanding tense sentences, it is necessary to get familiar with the tenses of the verb.

Definite Tense Structure Sentences in which the tenses are definite are called definite tense structures. These are the words that tell the definite time period – moment, hour, sun, samvat, day, date, four, night etc., like 1. Tonight is the program of the Kavi Sammelan. 2. He was born in the year 1965.

Indefinite tense structures Sentences in which the tense is indefinite are called indefinite tense structures. Words expressing indefinite indefinite are as follows: morning, evening, midday, noon, night, party, etc., such as

1. Today is morning kirtan.

2. He went on leave in the afternoon. That variation of Kaal-kriya is called ‘Kaal’, so that the time of its work, business and its complete or incomplete state is understood. There are three distinctions of Bhed-tense – (1) Present Tense, (2) Past Tense (3) Future Tense 1. Present Tense – From the present tense it is known that the work is being done now. as young

1. Ram reads. 2. Past Tense – The verb through which the sense of completion of the work is called past tense.

1. Today he came.

2. Mohan leaves.

2. He read the book.

3. Future Tense – The verb which shows that the action will happen in future is called future tense. as

1. Such a man will not be found anywhere else. 2. What will he do now? Meaning-tense-realization from words, where auxiliary verbs are used, while tense words also give sense of tense.

We do not see ‘Kaal’ only in the past, future and present, but also in moment, moment, hour, minute, prahar, day, night, morning, evening and noon etc. The use of these words also determines the time perception. Not only auxiliary verbs are necessary for time perception, but tense words are also necessary. See the use of these words to make sentences with tense words

1. Kaal-bodhi by ‘Pal’ and ‘Moment’ 1. Ram went out from here for two moments. 2. He rested for a moment.

3. Wait a moment. 2. Time perception by the word ‘Ghanta’ 1. He sits for hours.

4. No rest for a moment.

2. He has high fever for more than five hours. 3. How many hours do you study? 4. His college takes four hours.

3. Time-realization from the word ‘day’ 1. He was ill for many days.

3. After three days the school opened. 5. Sahib had come to the village that day.

2. Mohan remained hungry for eight days. 4. He studied for several days.

In these examples ‘many days’, ‘three days’, ‘eight days’, ‘that day’ etc. are tense words.

4. From the word morning

1. He went to the village this morning. 2. Mohan goes for morning walk. 8. Students should study in the morning.

5. Time-sense from the word ‘Sham’

1. He returns home in the evening. 2. In the evening the birds go to the chawls.

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