‘ज्ञापन’ किसे कहते हैं ? ज्ञापन की विशेषताएँ निर्धारित कीजिए। Who is ‘Memo’? State the features of the memorandum.

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उत्तर-कार्यालयीन ज्ञापन से आशय-कार्यालयीन ज्ञापन एक कार्यालय द्वारा अन्य कार्यालयों या अपने ही कार्यालय के विभिन्न विभागों में सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए अथवा किसी व्यवस्था के सभी जगह समान रूप से लागू करने के लिए जारी किया जाता है। चूँकि सूचनाएँ एवं व्यवस्था सम्बन्धी निर्देशन किसी एक व्यक्ति अथवा पद नाम से सम्बद्ध न होकर सबके लिए होते हैं, अतः कार्यालय ज्ञापन आदेश शैली में लिखा जाता है। इसमें समाप्ति सूचक, ‘आपका’, ‘भवदीय’ आदि शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाता है। पूरा ज्ञापन अन्य पुरुष एवं कर्मवाच्य में तैयार किया जाता है। ज्ञापन का प्रयोग एवं उपयोगिता कार्यालयीन ज्ञापन का प्रयोग भारत सरकार के मन्त्रालयों,

राज्य सरकारों के मन्त्रालयों, सचिवालयीन विभागों के पारस्परिक पत्र व्यवहार के लिए तो होता ही है, साथ ही इसका प्रयोग अधीनस्थ कार्यालयों तथा अधिकारियों के पास सामान्य सूचनाएँ भेजने लिए भी किया जाता है। वर्तमान में इसका प्रयोग एक ही कार्यालय के अन्तर्गत अन्तर्विभागीय पत्राचार के रूप में भी होने लगा है। कर्मचारियों से स्पष्टीकरण माँगने, उन्हें विभिन्न प्रकार की अनुमति देने, कार्यालयीन व्यवस्था से सम्बद्ध परिपत्र जारी करने के लिए भी कार्यालयीन ज्ञापन द्वारा पत्र व्यवहार किया जाने लगा है। अधीनस्थ और संलग्न कार्यालय आदि से पत्र व्यवहार करते समय सामान्यतः कार्यालयीन ज्ञापन का प्रयोग नहीं किया जाता है।

कार्यालयीन ज्ञापन के सम्बन्ध में निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना आवश्यक है

1. कार्यालयीन ज्ञापन अन्य पुरुष शैली में लिखा जाता है।

2. इसमें किसी प्रकार का सम्बोधन और अधोलेख नहीं होता है।

3. यह आदेश शैली में लिखा जाता है।

4. इसमें नीचे दायीं ओर केवल प्रेषक के हस्ताक्षर, उसके पद का नाम और कार्यालय का उल्लेख रहता है।

5. इसके पहले अनुच्छेद पर क्रमांक नहीं लिखा जाता है, अपितु बाद के अनुच्छेदों पर क्रमांक लिखा जाता है।

6. इसके वाक्य ‘किया गया’, ‘किया जाता है’, ‘किया जाएगा’ आदि कर्मवाच्य में होते हैं।

7. ज्ञापन में नीचे बायीं ओर ज्ञापन पाने वाले का नाम, पद का नाम, उसका पता लिखा जाता है।


Ans-official memorandum means-official memorandum is issued by an office for the exchange of information among other offices or different departments of its own office or for the implementation of any arrangement equally at all places. Since the instructions related to information and arrangement are not related to any one person or post name, but are for everyone, so the office memorandum is written in order style. In this the words of termination, ‘your’, ‘yours’ etc. are not used. The whole memorandum is prepared in other masculine and passive voice. Use and utility of memorandum Use of official memorandum Ministries of Government of India,

Not only is it used for mutual correspondence between the ministries of state governments, secretarial departments, but it is also used for sending general information to subordinate offices and officers. At present, it is also being used in the form of inter-departmental correspondence under the same office. For seeking clarification from the employees, granting them various types of permissions, issuing circulars related to the office system, correspondence is also being done through official memorandum. Generally, office memorandum is not used while dealing with subordinate and attached offices etc.

In relation to the official memorandum, it is necessary to keep in mind the following points:

1. The official memorandum is written in the other male style.

2. It does not contain any kind of addressing and underwriting.

3. This command is written in style.

4. In this, only the signature of the sender, the name of his post and office is mentioned on the lower right side.

5. The number is not written on the first paragraph, but the number is written on the subsequent paragraphs.

6. Its sentences are ‘done’, ‘is done’, ‘will be done’ etc. in the passive voice.

7. In the memorandum, the name of the recipient of the memorandum, the name of the post, his address are written on the lower left side.

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