ज्यामितिक (गुणोत्तर) माध्य (Geometric Mean)

किसी समंकमाला का गुणोत्तर माध्य उसके सभी मानों का गुणनफल का वह मूल (root) होता है, जितनी उस समंकमाला में इकाइयाँ हैं अर्थात् पदों के समूहों का गुणोत्तर माध्य, उनके 72 गुणनफल का सव मूल (root) है। इसका आशय यह है कि यदि दो संख्याएँ हों तो उनका वर्गमूल निकालना होगा, अर्थात् यदि a एवं b का गुणोत्तर माध्य निकालना हो तो Jaxb करके ज्ञात किया जायेगा। इसी प्रकार यदि a, b एवं c का गुणोत्तर माध्य निकालना हो तो उनका घनमूल निकालना होगा, अर्थात् ३axbxe करके ज्ञात किया जायेगा। इस प्रकार गुणोत्तर माध्य किसी माला के अनन्त पदों के गुणनफल का अनन्त मूल होता है।

दो या तीन संख्याओं की दशा में गुणोत्तर माध्य वर्गमूल या घनमूल की सहायता से आसानी से ज्ञात किया जा सकता है, किन्तु इससे अधिक संख्याओं के होने पर गणितीय क्रिया जटिल हो जाती है और लघुगणक तथा प्रतिलघुगणक का प्रयोग करना होता है

(1) Log Table की सहायता से प्रत्येक मूल्य का log ज्ञात कीजिए। (2) यदि श्रेणी विच्छिन हो तो log का गुणा आवृत्ति से कीजिए।

गुण-गुणोत्तर माध्य के गुण निम्न प्रकार है

  • (1) यह श्रेणी के सभी मूल्यों पर आधारित माध्य है।
  • (2) उच्चस्तरीय गणितीय विवेचन के लिए यह सर्वथा उपयुक्त है।
  • (3) इस माध्य पर सीमान्त पदों का प्रभाव बहुत कम पड़ता है।
  • (4) श्रेणी अधिक विषम होने पर यह माध्य विशेष रूप से उपयुक्त समझा जा सकता है।

दोष-गुणोत्तर माध्य के प्रमुख दोष निम्न प्रकार है

  • (1) इसकी गणना करना जटिल है।
  • (2) गुणोत्तर माध्य के लिए श्रेणी के सभी मूल्यों की जानकारी होना आवश्यक है।
  • (3) केवल निरीक्षण द्वारा गुणोत्तर माध्य निकालना सम्भव नहीं।

उपयोगिता-गुणोत्तर माध्य का विशिष्ट प्रयोग प्रतिशत वृद्धि दरों और अनुपातों का औसत निकालने में किया जाता है। जनसंख्या वृद्धि, मूल्य वृद्धि, विकास की दर, चक्रवृद्धि ब्याज, घटते शेष पर ह्रास इत्यादि की दशा में औसत की गणना गुणोत्तर माध्य (G. M.) द्वारा की जाती है।

हरात्मक माध्य (Harmonic Mean)

हरात्मक माध्य किसी चल के कुल पदों में उनके व्युत्क्रमों के योग से भाग देने पर प्राप्त होता हैं। दूसरे शब्दों में, मूल्यों के समान्तर माध्य के व्युत्क्रम को उनका हरात्मक माध्य कहा जाता है।

किसी मूल्य की व्युत्क्रम वह संख्या होती है जो 1 में उस मूल्य का भाग देने से उपलब्ध होती है। उदाहरणः, 5 का व्युत्क्रम 8 का व्युत्क्रम 8, 0-2 का व्युत्क्रम 02 है। व्युत्क्रम तालिका (Receprocal Table) की सहायता से व्युत्क्रम आसानी से ज्ञात किये जा सकते हैं। हरात्मक माध्य उन दशाओं में ज्ञात किया जाता है जब मूल्यों को वांछित माध्य के विपरीत रूप में व्यक्त किया जाता है। उदाहरणतः, यात्रा में प्रति घण्टे किलोमीटर दिये गये हो और उनसे प्रति किलोमीटर गति ज्ञात करनी हो तो हरात्मक माध्य निकाला जाता है। हरात्मक माध्य की गणना का निम्न सूत्र है

गुण-हरात्मक माध्य के गुण निम्न प्रकार हैं

  • (1) यह माध्य बड़े मूल्यों को कम तथा छोटे मूल्यों को अधिक महत्व देता है।
  • (2) यह माध्य श्रेणी के सभी मूल्यों पर आधारित होता है।
  • (3) इसका बीजगणितीय विवेचन सम्भव है।
  • (4) अधिक विषमता वाली श्रेणियों के लिए यह अधिक उपयुक्त है।

दोष-हरात्मक माध्य के दोष निम्न प्रकार है

  • (1) इसकी गणना क्रिया जटिल है।
  • (2) इस माध्य को ज्ञात करने के लिए श्रेणी के सभी मूल्यों का ज्ञान होना अनिवार्य है।
  • (3) यह माध्य श्रेणी का सही प्रतिनिधित्व नहीं करता है।

उपयोगिता- इसका उपयोग सीमित क्षेत्र में किया जाता है। औसत गति, चलन वेग तथा वस्तु की मात्रा प्रति रुपया के रूप में दिये गये मूल्य इत्यादि की औसत मात्रा ज्ञात करने के लिए हरात्मक माध्य विशेष रूप से उपयुक्त है।


Geometric Mean

The geometric mean of a data series is the root of the product of all its values, that is, the geometric mean of groups of terms is the root of their 72 product. This means that if there are two numbers, then their square root has to be found, that is, if the geometric mean of a and b is to be found, then it will be found by doing Jaxb. Similarly, if the geometric mean of a, b and c is to be found, then their cube root has to be found, that is, it will be found by doing 3axbxe. Thus, the geometric mean is the infinite root of the product of infinite terms of a string.

In the case of two or three numbers, the geometric mean can be easily found with the help of square root or cube root, but having more numbers than this, the mathematical operation becomes complicated and logarithm and logarithm have to be used.

(1) Find the log of each value with the help of log table. (2) If the series is discontinuous, multiply log by the frequency.

The properties of the geometric mean are as follows

(1) It is the mean based on all the values ​​in the series.
(2) It is well suited for high-level mathematical reasoning.
(3) The marginal terms have little effect on this mean.
(4) This mean may be considered particularly appropriate when the series is more skewed.

The major defects of defect-geometric mean are as follows

(1) It is complicated to calculate.
(2) For the geometric mean it is necessary to know all the values ​​of the series.
(3) It is not possible to derive geometric mean by observation alone.

The utility-geometric mean is specially used for averaging percentage growth rates and ratios. In case of population growth, price increase, rate of growth, compound interest, diminishing balance, etc., the average is calculated by geometric mean (G.M.).

Harmonic Mean

The harmonic mean is obtained by dividing the total terms of a variable by the sum of their reciprocals. In other words, the inverse of the arithmetic mean of the values ​​is called their harmonic mean.

The reciprocal of a value is the number that is obtained by dividing that value by 1. Example: The reciprocal of 5 is 8, the reciprocal of 0-2 is 02. Inverses can be easily found with the help of Receprocal Table. Harmonic mean is found in cases when the values ​​are expressed in opposite form to the desired mean. For example, kilometers per hour are given in the journey and if the speed per kilometer is to be found from them, then the harmonic mean is taken. The formula for calculating the harmonic mean is

The properties of the denominator mean are as follows

(1) This mean gives less importance to larger values ​​and more importance to smaller values.
(2) This mean is based on all the values ​​in the series.
(3) Its algebraic explanation is possible.
(4) It is more suitable for categories with more heterogeneity.

Defects of the denominator-negative mean are as follows

(1) Its calculation process is complicated.
(2) To find this mean it is necessary to have knowledge of all the values ​​of the series.
(3) It does not represent the mean range correctly.

Utility- It is used in limited area. Harmonic mean is particularly suitable for finding the average speed, velocity of motion and the average quantity of a commodity given in terms of rupees per rupee.

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