अनुवाद का अर्थ बताते हुए एक अच्छे अनुवादक के गुण बताइए। Explaining the meaning of translation, state the qualities of a good translator.

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अनुवाद करने वाले को अनुवादक कहते है इसे अंग्रेजी भाषा में ‘ट्रांसलेटर’ (Translater) भी कहते है ‘अनुवाद’ स्रोत भाषा की सामग्री को लक्ष्य भाषा में पुनः प्रस्तुत करना है। ऐसा करते समय उसे अत्यन्त सावधानी बरतना आवश्यक होता है। जो अनुवादक मूलभाषा को पाठ्य भाषा में अविरल भाव रूप में प्रस्तुत करता है, उसे अच्छा अनुवादक कहते हैं।

अनुवादक वही सफल हो सकता है जिसका दोनों भाषाओं पर समान अधिकार हो। जिस भाषा से उसे अनुवाद करना है और जिस भाषा में अनुवाद करना है, दोनों का ही वह जानकार होना चाहिए। दोनों भाषाओं की प्रकृति की पहचान जिस अनुवादक को होगी, वहीं सफल अनुवादक माना जाएगा। अनुवादक को निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिये

1. अनुवादक को चाहिये कि वह अवतरण का बार-बार पढ़े और उसमें निहित भाव को समझे। अवतरण के प्रत्येक शब्द का महत्व होता है।

2. शब्दानुवाद, भावानुवाद और रूपान्तर में भावानुवाद ही श्रेष्ठ माना जाता है।

3. अनुवाद करते समय मूल-भाव की रक्षा होनी चाहिए।

4. अनुवादक को चाहिये कि वह अनुवाद की दोनों भाषाओं के व्याकरण से पूर्णरूपेण परिचित हो अर्थात् स्रोत भाष और लक्ष्य भाषा पर पूरा अधिकार हो, दोनों भाषाओं की संरचनात्मक बनावट, पदबन्ध-प्रयोग, वाक्य, गठन आदि की पूरी समझ हो 5. अनुवाद की जाने वाली सामग्री विषयवस्तु का अच्छा ज्ञान हो, सामग्री की ज्ञानात्मक चेतना हो। मानव समुदाय और उनकी भाषाओं में निहित ज्ञान-विज्ञान की उपलब्धियों को एक-दूसरे तक पहुँचाने का कार्य अनुवाद के द्वारा ही सम्पन्न होता है। अनुवाद के द्वारा एक भाषा को बोलने और जानने वाले, दूसरी भाषा बोलने और जानने वालों तक अपने भावों और विचारों का सम्प्रेषण कर सकते हैं। आज का युग ज्ञान-विज्ञान का युग है।

मानव नित्य नये आविष्कार कर रहा है। ज्ञान का विस्फोट हो रहा है। उस ज्ञान को विश्वव्यापी बनाने के लिए अनुवाद आवश्यक है। वास्तव में विश्व के विविध मानव समुदायों को परस्पर जोड़ने और ज्ञान-विज्ञान को मानव मात्र के लिए सुलभ कराने का एकमात्र उपाय अनुवाद है।

अनुवाद की दृष्टि में भाषा को दो वर्गों में रखा जाता है-(1) स्रोत भाषा, और (2) लक्ष्य भाषा। वह

भाषा जिसमें कथित बात को दूसरी भाषा में अनूदित किया जाता है, स्रोत भाषा कही जाती है तथा वह भाषा जिसमें अनुवाद किया जाता है, लक्ष्य भाषा के नाम से जानी जाती है। माना कि हिन्दी भाषा में लिखी कहानी या कविता का अंग्रेजी भाषा में अनुवाद किया गया है तो इस प्रसंग में हिन्दी स्रोत भाषा होगी और अंग्रेजी भाषा में अनुवाद किया गया है तो इस प्रसंग में हिन्दी स्रोत भाषा होगी और अंग्रेजी लक्ष्य भाषा कहलाएगी। अतः निम्नलिखित वाक्य में ‘सोहराब अपने पिता रुस्तम के ही हाथों मारा गया’ स्रोत भाषा है तथा ‘Sohrab was killed by his own father Rustam’ लक्ष्य भाषा।

अनुवाद शब्दानुवाद व भाषानुवाद होता है। शब्दानुवाद में भाषानुवाद उपयुक्त रहता है। शब्दानुवाद में अर्थ-आशय गड़बड़ हो जाता है। जैसे There is no room in the car का शब्दानुवाद होगा-कार में कोई कमरा नहीं है, जबकि इसका भावानुवाद होगा ‘कार में स्थान (जगह) नहीं है।” 50 अच्छे अनुवाद की विशेषताएँ

1. अनुदित भाषा के पूर्ण ज्ञान से अनुवाद प्रभावी होता है।

2. अनुवाद की जाने वाली सामग्री की विषय वस्तु का ठीक ज्ञान होने के साथ ज्ञानात्मक चेतना भी होनी चाहिए।

3. अनुवाद के बाद मूल पाठ के आत्मा की रक्षा होनी चाहिये।

4. अनुवाद को भावानुवाद पद्धति अपनानी चाहिये।

5. दोनों भाषाओं की व्याकरणिक विशेषताओं का ज्ञान होना आवश्यक है।

6. भाषा की मूल प्रकृति के अनुसार अनुवाद होना चाहिये।

7. अनुवाद सरल एवं प्रभावी होना चाहिये।

8. विभिन्न विषयों की परिभाषिक शब्दावली के आधार पर सटीक अनुवाद होना चाहिये।

9. अनुवाद में ग्राह्यता का गुण होना चाहिये।

10. अनुवाद से रस-भंग न हो, यह ध्यान रखा जाना चाहिये।

11. दूसरी भाषाओं की शैलियों, मुहावरों, दार्शनिक तथ्यों का ज्ञान होना आवश्यक है।


The translator is called translator, it is also called ‘Translator’ in English language. ‘Translation’ is to reproduce the content of the source language in the target language. He needs to be very careful while doing this. The translator who presents the original language in a consistent way in the text language, is called a good translator.

A translator can be successful only who has equal authority on both the languages. He should be conversant of both the language from which he is to be translated and the language in which he is to be translated. The translator who will identify the nature of both the languages, will be considered as successful translator. The translator should take special care of the following points

1. The translator should read the passage again and again and understand the meaning contained in it. Every word of the passage has significance.

2. Expression of translation, translation and translation is considered to be the best.

3. The original meaning should be protected while translating.

4. The translator should be fully acquainted with the grammar of both the languages ​​of translation, that is, have complete authority over the source language and the target language, have a complete understanding of the structural structure, phrase-use, sentence, formation etc. of both the languages. The material to be known should have a good knowledge of the subject matter, the cognitive consciousness of the material. The task of conveying the achievements of the human community and the knowledge and science contained in their languages ​​to each other is accomplished through translation. Through translation, those who speak and know one language can communicate their feelings and thoughts to those who speak and know another language. Today’s era is the age of knowledge and science.

Man is constantly making new inventions. There is an explosion of knowledge. Translation is necessary to make that knowledge universal. In fact, translation is the only way to connect the diverse human communities of the world and make knowledge and science accessible to mankind.

In terms of translation, languages ​​are classified into two categories – (1) the source language, and (2) the target language. He

The language in which the said thing is translated into another language is called the source language and the language in which the translation is done is known as the target language. Suppose a story or poem written in Hindi language is translated into English language, then Hindi will be the source language in this context and if it is translated into English language, then Hindi will be the source language in this context and English will be called the target language. So in the following sentence ‘Sohrab was killed by his own father Rustam’ is the source language and ‘Sohrab was killed by his own father Rustam’ is the target language.

Translation is translation and translation. Linguistics remains appropriate in vocabulary. In the translation, the meaning gets confused. e.g. There is no room in the car would be translated as – there is no room in the car, while the translation would be “There is no room in the car.” 50 Characteristics of a Good Translation

1. Full knowledge of the translated language makes translation effective.

2. The material to be translated should have a cognitive consciousness along with a proper knowledge of the subject matter.

3. After translation, the soul of the original text should be preserved.

4. Translation should adopt the method of translation.

5. Knowledge of grammatical features of both the languages ​​is essential.

6. The translation should be according to the original nature of the language.

7. Translation should be simple and effective.

8. There should be accurate translation based on the definitional vocabulary of different subjects.

9. The translation should have the quality of acceptability.

10. Care should be taken not to disturb the translation.

11. It is necessary to have knowledge of styles, idioms, philosophical facts of other languages.

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