ऊर्जा संसाधन और उसके विभिन्न प्रकारों का वर्णन करते हुए ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

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पारिस्थितिकी तन्त्र (ecosystem) में ऊर्जा का अत्यन्त महत्व है। जीवन के संचार के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। ऊर्जा प्राप्ति के अनेक स्रोत हैं; जैसे—कोयला (coal), पेट्रोलियम (petroleum), सौर ऊर्जा (solar energy), आण्विक ऊर्जा (atomic energy), तथा प्राकृतिक जैसे (natural gases) इनमें प्रमुख हैं। इन स्रोतों से प्राप्त ऊर्जा को घरेलू (domestic use), उद्योगों तथा कृषि क्षेत्रों (industrial and agricultural sectors) के उपयोग में लाया जाता है।

प्रमुख ऊर्जा संसाधन (Major Energy Resources)

(1) मानव की शारीरिक शक्ति, (2) पशु शक्ति,

(3) पवन, (4) प्रवाही जल,

6) सौर शक्ति,(5) ज्वार भाटे की शक्ति,

(7) ईंधनों से प्राप्त शक्ति, जिनमें लकड़ी और लकड़ी का कोयला (charcoal), खानों से प्राप्त कोयला (coal), पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और आण्विक ईंधन हैं।

वर्तमान काल में औद्योगिक शक्ति (ऊर्जा) के पाँच साधन हैं—(i) कोयला (coal), (ii) खनिज तेल (पेट्रोलियम), (iii) प्राकृतिक गैस, (iv) बहता हुआ जल, और (v) आण्विक ईंधन है।

ऊर्जा संसाधनों का वर्गीकरण (Classification of Energy Resources)

ऊर्जा संसाधनों को दो तरह से वर्गीकृत किया गया है

(a) उत्पादन के आधार पर ऊर्जा स्रोतों को दो समूहों में बाँटा गया है

(1) अनवीनीकरण संसाधन (Non-renewable resources) – उदाहरण-कोयला, (2) नवीनीकृत संसाधन (Renewable resources)- उदाहरण-पेड़-पौधों, पेट्रोलियम जीव-जन्तु।

(b) उपयोग के आधार पर भी ऊर्जा स्रोतों को दो वर्गों में बाँटा गया है-

(1) परम्परागत ऊर्जा संसाधन-इसमें वे संसाधन आते हैं, जिनसे ऊर्जा प्राप्ति का कार्य सदियों से चला आ रहा है। जैसे—कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, जलविद्युत, परमाणु ऊर्जा ।

(2) गैर-परम्परागत ऊर्जा संसाधन-इसमें वे संसाधन आते हैं, जिनसे ऊर्जा प्राप्ति की प्रौद्योगिकी का विकास नवीन है, जैसे-सौर ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा, पवन ऊर्जा, भू-तापीय ऊर्जा, बॉयो-गैस आदि।

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